बाबा इकबाल सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री सम्मान
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शिरोमणि पंथ रतन स्वर्गीय बाबा इकबाल सिंह को मरणोपरांत पद्मश्री से नवाजा गया है। सोमवार को दिल्ली में हुए समारोह के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह सम्मान कलगीधर ट्रस्ट के प्रमुख डॉ. देवेंद्र सिंह को भेंट किया। डॉ. देवेंद्र सिंह ने सफेद कुर्ता, पायजामा और सफेद पगड़ी थी। उन्होंने काले रंग का पटका पहनकर बाबा इकबाल सिंह का समाजसेवा के लिए पद्मश्री सम्मान राष्ट्रपति के हाथों से लिया। उनके साथ ट्रस्ट के अन्य सदस्य जसबीर सिंह और अमनदीप सिंह भी थे।
स्वर्गीय बाबा इकबाल सिंह ने वर्ष 1986 में हिमाचल प्रदेश कृषि विभाग से निदेशक पद से सेवानिवृत्त होने के बाद बडू साहिब में मात्र चार बच्चों को लेकर अकाल अकादमी शुरू की थी। आज हिमाचल के अलावा कलगीधर ट्रस्ट की 129 अकाल अकादमियां, दो विश्वविद्यालय, दो नशा मुक्ति केंद्र, बेसहारा महिलाओं के लिए प्रशिक्षण संस्थान और अस्पताल संचालित किए जा रहे हैं। ट्रस्ट करीब 70 हजार बच्चों को गुणवत्ता व संस्कार सहित आधुनिक शिक्षा दे रहा है। ट्रस्ट ने अब तक हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया है।
हजारों युवाओं को नशे की चपेट से बचाने का कार्य किया है। स्व. बाबा इकबाल सिंह अंतिम समय तक समाजसेवा में लगे रहे। उनके उत्तराधिकारी डॉ. देवेंद्र सिंह ने कहा कि उनके पदचिह्नों पर चलकर पंथ व समाज की सेवा करने का वह प्रयास करते रहेंगे। बाबा इकबाल सिंह का अधिकतर समय हिमाचल के बडू साहिब में ही गुजरा। पद्मश्री की घोषणा के तीन दिन बाद ही 29 जनवरी को बीमारी के चलते उनका निधन हो गया था। निधन के बाद डॉ. देवेंद्र सिंह को सर्वसम्मति से कलगीधर ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया गया, जिन्होंने उत्तराधिकारी के तौर पर बाबा इकबाल सिंह का पद्मश्री सम्मान प्राप्त किया।