हिमाचल में हजारों सेब बागवानों के लिए विभिन्न जिलों में नए पैकिंग ग्रेडिंग केंद्र बनाए जाएंगे। सरकार तेरह पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर तैयार करेगी, ताकि बागवानों को बगीचों के नजदीक फलों की पैकिंग और ग्रेडिंग की आधुनिक सुविधा मिले।
सरकार सेब और अन्य फलों की ग्रेडिंग और पैकिंग को जिला किन्नौर, सिरमौर, मंडी, लाहौल-स्पीति, कुल्लू, चंबा और शिमला में सेंटर बनाने जा रही है। बागवान इनमें आधुनिक तकनीक से फलों की पैकिंग और ग्रेेडिंग कर पाएंगे। 130 करोड़ की निर्धारित वार्षिक योजना राशि में से पैकिंग ग्रेडिंग केंद्रों पर व्यय की जानी है।
राज्य के इन अधिकांश जिलों में सेब उत्पादन प्रमुख फसल के तौर पर किया जाता है, परंतु बागवानों के लिए पैकिंग और ग्रेडिंग की कोई खास व्यवस्था नहीं है। कुछ पैकिंग और ग्रेडिंग सेंटर निजी क्षेत्र ने खोले हुए हैं, परंतु इनमें बागवानों को ज्यादा आधुनिक सुविधा नहीं मिलती। सरकार नए पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर खोलकर बागवानों को आधुनिक तकनीक की पैकिंग और ग्रेडिंग सुविधा देगी।
किस जिले में कितने नए पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर खुलेंगे
जिला सेंटरों की संख्या
1. किन्नौर एक
2. सिरमौर एक
3. मंडी दो
4. लाहौल-स्पीति एक
5. कुल्लू दो
6. चंबा चार
7. शिमला दो
राज्य के बागवानी और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार प्रदेश के सात जिलों में तेरह पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर खोल रही है। इन जिलों के बागवानों को आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित पैकिंग ग्रेडिंग सेंटर की सुविधा बगीचों के पास मिलेगी। अभी तक कई जिलों में सरकारी पैकिंग और ग्रेडिंग सेंटर नहीं थे। इन सेंटरों के बनने से बागवानों को काफी राहत मिलेगी।