कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक का राजीव भारद्वाज को चेयरमैन बनाया गया है। रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसायटी ने इस बाबत अधिसूचना जारी कर दी है। चेयरमैन के अलावा दो सदस्य भी मनोनीत किए गए हैं। बैंक का नया बोर्ड गठित होने तक या छह माह के लिए नियुक्तियां की गई हैं।
निदेशक मंडल भंग होने से बीते आठ महीनों से बैंक बिना चेयरमैन और निदेशक मंडल के कार्य कर रहा था। जयराम सरकार ने नया चेयरमैन नियुक्त कर बैंक को राजनीतिक संरक्षण प्रदान कर दिया है। रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी ने हिमाचल प्रदेश सहकारी अधिनियम में दी गई शक्तियों को प्रयोग करते हुए कांगड़ा जिला के जसूर के रहने वाले राजीव भारद्वाज को बतौर चेयरमैन नियुक्ति दी है।
ऊना जिला से रमेश कुमार और कांगड़ा जिला के दाड़ी के रहने वाले रंजीत राणा को सदस्य नियुक्त किया गया है। केसीसी बैंक में आरबीआई नियमों के विपरीत लोन देने, सही एनपीए छिपाने और अन्य अनियमितताओं के आरोपों के चलते सरकार ने अप्रैल माह में बीओडी को सस्पेंड कर दिया गया था। सरकार की कार्रवाई के खिलाफ केसीसी बैंक के पूर्व चेयरमैन जगदीश सिपहिया ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी।
25 अक्तूबर को हाईकोर्ट ने जगदीश सिपहिया की याचिका खारिज कर दी थी। इसके एक हफ्ते के बाद सरकार ने कांगड़ा के भाजपा नेता राजीव भारद्वाज की केसीसी बैंक के नए चेयरमैन के रूप में नियुक्ति दी है। राजीव भारद्वाज इससे पहले भी तत्कालीन धूमल सरकार में एचआरटीसी के उपाध्यक्ष रह चुके हैं।