यह जांच एक रिकॉर्डेड बातचीत को आधार बनाकर शुरू की गई है। बताया जा रहा है कि विजिलेंस जांच का आधार जिस रिकॉर्डेड बातचीत को बनाया गया है, उसमें पूर्व मुख्य सचिव पी. मित्रा की आवाज होने का दावा किया गया है। सूत्रों की मानें तो मित्रा इस आवाज की सत्यता को अपने बयान में खारिज कर चुके हैं। इसलिए सत्यता की परख को विजिलेंस ने उनके वॉयस सैंपल लेने और पॉलीग्राफ टेस्ट करने को कोर्ट में अरजी दी है।
सप्ताह भर पहले विजिलेंस ब्यूरो ने इस केस की पड़ताल के बीच राजस्व विभाग से इसकी असली फाइल मांगी है, जिसे अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ने विजिलेंस को भेजने के बजाय आगे सीएम कार्यालय को भेज दिया है। अब सीएम कार्यालय इस पर अध्ययन कर रहा है। इसके बाद ही फ ाइल विजिलेंस ब्यूरो को भेजी जाएगी। मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की जा सकेगी।