इन बसों को शिमला-दिल्ली, शिमला हमीरपुर, शिमला-धर्मशाला, मनाली-दिल्ली, कुल्ली-दिल्ली चलाई जा रही हैं। ज्यादातर ठेके वाली बसें बाहरी राज्यों के लिए दौड़ाई जाती हैं ताकि बसें ज्यादा से ज्यादा किलोमीटर चल सकें।
एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन के महासचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि जितनी राशि हर वेट लिजिंग में जा रही है, इस राशि से निगम प्रबंधन अपनी बसें भी खरीद सकता है।
एचआरटीसी के मुताबिक बसों में डीजल एचआरटीसी की ओर से भरा जाना है, इसके साथ ही चालक निजी होगा और इसकी तनख्वाह भी निजी ऑपरेटर ही देगा। बसों में परिचालक परिवहन निगम का रहेगा। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि इस मामले को देखा जाएगा।