फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एचआरटीसी में ठेके पर बसें चलाने वाले मालिक मालामाल, यहां जानिए पूरा मामला

Tue, 10 Jul 2018 10:01 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन

एचआरटीसी में ठेके (वेट लिजिंग) पर वोल्वो बसें चलाने वाले मालिक मालामाल हो रहे हैं। निगम प्रबंधन की ओर से हर महीने इन्हें 4 करोड़ 20 लाख रुपये का भुगतान हो रहा है। पूर्व सरकार में चहेतों को फायदा देने के लिए ये बसें चलाई गई थीं।

विज्ञापन


वर्तमान सरकार में भी ये बसें सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। इन बसों में सवारियां बैठें या नहीं, प्रबंधन की ओर से इनके लिए 29 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से राशि का भुगतान तय किया गया है।

एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति ने इन बसों को हटाने के लिए सरकार पर दबाव बना दिया है। वर्तमान में एचआरटीसी में 92 बसें वेट लिजिंग पर चल रही हैं। इसमें 40 वोल्वो बसें परिवहन निगम की हैं जबकि 52 बसें निजी ऑपरेटरों की हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूर्व सरकार में यह हुआ था तय

इन बसों को शिमला-दिल्ली, शिमला हमीरपुर, शिमला-धर्मशाला, मनाली-दिल्ली, कुल्ली-दिल्ली चलाई जा रही हैं। ज्यादातर ठेके वाली बसें बाहरी राज्यों के लिए दौड़ाई जाती हैं ताकि बसें ज्यादा से ज्यादा किलोमीटर चल सकें।

एचआरटीसी सर्व कर्मचारी यूनियन के महासचिव खेमेंद्र गुप्ता ने बताया कि जितनी राशि हर वेट लिजिंग में जा रही है, इस राशि से निगम प्रबंधन अपनी बसें भी खरीद सकता है। 

एचआरटीसी के मुताबिक बसों में डीजल एचआरटीसी की ओर से भरा जाना है, इसके साथ ही चालक निजी होगा और इसकी तनख्वाह भी निजी ऑपरेटर ही देगा। बसों में परिचालक परिवहन निगम का रहेगा। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि इस मामले को देखा जाएगा। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें