चौड़ा मैदान में कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर की नारेबाजी, समान काम का समान वेतन देने की उठाई मांग
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हजारों आउटसोर्स कर्मचारी दे रहे हैं सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। स्थायी नीति बनाने और समान काम के बदले समान वेतन देने की मांग को लेकर आउटसोर्स कर्मचारियों ने शुक्रवार को राजधानी के चौड़ा मैदान में प्रदर्शन किया। इसमें प्रदेशभर से आए विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत सैकड़ों आउटसोर्स कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
सुबह 11:00 बजे शुरू हुए इस प्रदर्शन में महिला कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की। आउटसोर्स कर्मचारियों ने कहा कि वह सरकारी विभागों में 15 से 20 सालों से सेवाएं दे रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें न तो नौकरी में सुरक्षा मिल रही है और न ही उचित वेतन मिल रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि हाल ही में विभिन्न विभागों से आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाए जाने के मामलों ने कर्मचारियों में डर बढ़ा दिया है। इस तरह की कार्रवाई से आउटसोर्स कर्मचारियों में डर और अस्थिरता का माहौल बन गया है।
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कर्मचारियों को डर सता रहा है कि न जाने कब इनकी नौकरी चली जाए। संयुक्त आउटसोर्स कर्मचारी संघ के संयोजक अश्विनी शर्मा ने कहा कि कर्मचारियों की दो प्रमुख मांगे हैं कि उनके लिए स्थायी नीति बनाई जाए। नौकरी में सुरक्षा सुनिश्चित करना और समान कार्य के लिए समान वेतन लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि जब तक इन मांगों पर सरकार कोई ठोस निर्णय नहीं लेती तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
13 हजार मासिक वेतन में गुजारा मुश्किल
संघ के सह संयोजक सोहन लाल तुलिया ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को न तो उचित वेतन मिल रहा है न ही नौकरी में सुरक्षा है। इस कारण उनका तो भविष्य खराब हो रहा है, साथ ही में उनके बच्चों का भी भविष्य खतरे में है। उन्होंने कहा कि ज्यादातर गरीब परिवारों के युवा आउटसोर्स कर्मचारी के तौर पर सेवाएं दे रहे हैं। महंगाई के इस दौर के महज 13000 रुपये वेतन मिल रहा है। इसमें जीवन यापन करना मुश्किल हो रहा है। बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। आउटसोर्स कर्मचारी अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह ही सेवाएं दे रहे हैं लेकिन उनके वेतन में असमानता है। इसके साथ ही नौकरी में सुरक्षा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होती आउटसोर्स कर्मचारियों का संघर्ष जारी रहेगा।