हिमाचल प्रदेश आउट सोर्सिंग से तैनात कर्मचारियों के महासंघ ने प्रदेश सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। महासंघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि जल्द ही स्थायी नीति नहीं बनाई गई तो वे संघर्ष का रास्ता इख्तियार करेंगे। वे सरकार की अनदेखी को बर्दाश्त नहीं करेंगे। ऐसे में हालात बिगड़ते हैं तो प्रदेश सरकार ही उसके लिए जिम्मेवार होगी।
बिलासपुर में महासंघ की राज्य स्तरीय बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेशाध्यक्ष धीरज चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री ने बजट सत्र में आउट सोर्स कर्मचारियों के लिए नीति बनाने की घोषणा की थी। लेकिन अफसरशाही की मनमानी और सरकारी उदासीनता से यह नीति अंजाम तक नहीं पहुंच पा रही है।
उन्होंने कहा कि आउट सोर्स कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चितिंत है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार यदि आउट सोर्स कर्मचारियों की हितैषी है तो आगामी कैबिनेट मीटिंग में आउट सोर्स कर्मचारियों से संबंधित स्थायी नीति को मंजूरी देकर बाकायदा अधिसूचना जारी करे।
उन्होंने कहा कि आउट सोर्स कर्मचारियों ने पहले भी प्रदेश सरकार का साथ देने का वादा किया था और वादा पूरा करने पर कर्मचारी भविष्य में भी अपने समर्थन के वादे पर अडिग रहेंगे। इस मौके पर कमलेश ठाकुर, मोनू, प्रवीण, सोनिया, पूजा, रचना, विजय, राकेश ,सुनिल, जगत, यूनिस अख्तर सहित सभी जिलों के प्रधान उपस्थित रहे।