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मोटर मैकेनिक ने ठीक की ऐतिहासिक घड़ी, पिछली बार नप ने खर्च किए थे लाखों

Sat, 18 Jan 2020 05:16 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मंडी
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- फोटो : अमर उजाला
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छोटी काशी मंडी के संकन गार्डन में ऐतिहासिक घंटाघर की घड़ी को मंडी के मोटर मेकेनिक ने ठीक कर दिया। पहले इसे ठीक करने के लिए कोलकाता से इंजीनियर बुलाना पड़ता था। इसके लिए लाखों की राशि चुकानी पड़ती थी। ब्राधीवीर के कार मेकेनिक सनी ने वर्षों से बंद पड़ी इस घड़ी को ठीक कर दिया है।

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सनी करीब 32 सालों से कार मेकेनिक का कार्य कर रहे हैं। इससे पहले घड़ियों का काम भी कर चुके हैं। वह चाहते थे कि मंडी शहर के ऐतिहासिक घंटाघर को ठीक करने में योगदान दें। उनकी इस ख्वाहिश पर नगर परिषद ने मौका दिया। घड़ी ठीक करने से पहले सनी ने ऐतिहासिक घंटाघर में लगी घड़ी का मेकेनिज्म का अध्ययन किया और काम शुरू किया। उसके बाद घड़ी ठीक की।

सनी ने बताया कि उन्हें घंटाघर को ठीक कर आनंद महसूस हो रहा है। घंटाघर में जो भी छोटी-मोटी कमी रही होगी, उसे भी जल्द दूर कर दिया जाएगा। उन्होंने भविष्य में भी घंटाघर के लिए इसी तरह सेवाएं देने की बात कही है। उधर, ईओ बीआर नेगी ने कहा कि घड़ी दुरुस्त हो गई है। यह घड़ी काफी पुरानी है। इसके बदलने पर भी विचार किया जा रहा है।

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यह है घंटाघर का इतिहास

- फोटो : अमर उजाला
28 फरवरी, 1939 को मंडी रियासत के तत्कालीन राजा जोगेंद्रसेन की मौजूदगी में स्टेटस फोर्सज मिलिट्री एडवाइजर इन चीफ सर ऑर्थर एम मिल्ज ने घंटाघर का शुभारंभ किया था। जहां घंटाघर का निर्माण किया है, इस स्थल का इतिहास 300 वर्ष से अधिक पुराना है।

यह स्थल आज भी मंडी और भंगाल रिसायत के बीच की आपसी दुश्मनी की कहानी की याद को ताजा करवाता है। 17वीं शताब्दी के राजा सिद्ध सेन से इसका संबंध है तो इस स्थान को पूर्व में सिद्ध सर के नाम से भी जाना जाता था।

मंडी का लैंडमार्क है घंटाघर
ऐतिहासिक घंटाघर मंडी शहर का लैंड मार्क है। इसी से देश-विदेश में मंडी शहर की पहचान होती है। यह घंटाघर मंडी शहर के बीचोंबीच बनी इंदिरा मार्केट में स्थित है। लंबे समय से घड़ियां बंद होने के कारण लोग मायूस थे, लेकिन उनकी मायूसी दूर हो गई है। वर्तमान में इंदिरा मार्केट के बीच में स्थित घंटाघर को पूर्व में संकन गार्डन के नाम से भी जाना जाता था।
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