28 फरवरी, 1939 को मंडी रियासत के तत्कालीन राजा जोगेंद्रसेन की मौजूदगी में स्टेटस फोर्सज मिलिट्री एडवाइजर इन चीफ सर ऑर्थर एम मिल्ज ने घंटाघर का शुभारंभ किया था। जहां घंटाघर का निर्माण किया है, इस स्थल का इतिहास 300 वर्ष से अधिक पुराना है।
यह स्थल आज भी मंडी और भंगाल रिसायत के बीच की आपसी दुश्मनी की कहानी की याद को ताजा करवाता है। 17वीं शताब्दी के राजा सिद्ध सेन से इसका संबंध है तो इस स्थान को पूर्व में सिद्ध सर के नाम से भी जाना जाता था।
मंडी का लैंडमार्क है घंटाघर
ऐतिहासिक घंटाघर मंडी शहर का लैंड मार्क है। इसी से देश-विदेश में मंडी शहर की पहचान होती है। यह घंटाघर मंडी शहर के बीचोंबीच बनी इंदिरा मार्केट में स्थित है। लंबे समय से घड़ियां बंद होने के कारण लोग मायूस थे, लेकिन उनकी मायूसी दूर हो गई है। वर्तमान में इंदिरा मार्केट के बीच में स्थित घंटाघर को पूर्व में संकन गार्डन के नाम से भी जाना जाता था।