शिमला निवासी ने दुकान बुक करवाने के लिए जमा की थी रकम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। जिला उपभोक्ता आयोग ने नई दिल्ली स्थित यूनिकेयर डवेलपर्स को निवेशक को 5.38 लाख रुपये ब्याज सहित लौटाने और मानसिक उत्पीड़न का मुआवजा देने का आदेश दिया है। आयोग ने कहा कि कंपनी ने प्लॉट न देकर उपभोक्ता के साथ धोखाधड़ी की है। आयोग ने कंपनी को 12 साल पुराने निवेश को लेकर 5,38,000 रुपये ब्याज सहित लौटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा मुकदमेबाजी खर्च के तौर पर 25,000 रुपये हर्जाना भी देना होगा।
समरहिल निवासी शिकायतकर्ता अखिलेश कुमार जैन ने कंपनी के खिलाफ सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार की शिकायत दर्ज करवाई थी। जैन ने वर्ष 2013 में कंपनी को दुकान के लिए प्लॉट बुक करने के लिए 1.34 लाख से अधिक की राशि अदा की थी। कंपनी की ओर से दस वर्ष बाद बाय-बैक स्कीम के तहत 5.38 लाख लौटाने का आश्वासन दिया था। लेकिन न तो प्लॉट आवंटित किया गया और न ही परिपक्वता राशि चुकाई गई। कानूनी नोटिस के बाद जब कंपनी ने कोई जवाब नहीं दिया तो शिकायतकर्ता ने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
अब आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह ने कंपनी को आदेश दिए हैं कि शिकायतकर्ता को 5,38,800 रुपये शिकायत दर्ज करने से लेकर वसूली तक 9 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित लौटाए। 15,000 मानसिक उत्पीड़न और 10,000 रुपये मुकदमेबाजी खर्च भी दें। आदेश की अनुपालना 45 दिन में करनी होगी। आयोग ने माना कि कंपनी ने उपभोक्ता को न तो प्लॉट दिया और न ही वादे के अनुसार राशि लौटाई। इससे पहले, आयोग में शिकायत स्वीकार होने के बाद कंपनी को 15 जुलाई 2025 को नोटिस जारी किया गया। 3 सितंबर नोटिस तामील नहीं हुआ तो कंपनी के विरुद्ध एकपक्षीय कार्यवाही करने का आदेश दिया गया।