हिमशीतित वीर्य से कृत्रिम गर्भाधान श्रेष्ठतर बीज जीवाणु के प्रसार के माध्यम से सर्वोत्तम उपाय सिद्ध हुआ है। नए बिल में शुक्राणु केंद्रों का पंजीकृत किया जाना अनिवार्य है। राज्य के भीतर ही नहीं, बाहर एकत्र वीर्य को भी कानूनन हिमाचल में लाना होगा।
वीर्य उत्पादन के लिए उत्तम आनुवांशिक गुणों से युक्त बैलों का उपयोग होगा। नए कानून लागू करने के लिए पशुपालन निदेशक की अध्यक्षता में एक प्राधिकरण बनेगा। इसमें नौ से अधिक सदस्य होंगे। यह पशुपालन निदेशालय से ही कार्यरत होगा।