राज्य विधानसभा में सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर जैसे ही पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मांग संख्या -26 के कटौती प्रस्ताव का जवाब देने के लिए खड़े हुए तो विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि अब मौखिक जवाब नहीं दिया जा सकता। क्योंकि गिलोटिन लगा दिया गया है और मुख्यमंत्री अब सदन में लिखित जवाब देंगे। हालांकि मुख्यमंत्री कटौती प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए बोलना आरंभ कर चुके थे।
जैसे ही विपक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री तय समय के बाद सदन में मौखिक जवाब नहीं दे सकते तो मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि ठीक है मैं सदन को लिखित जवाब दे दूंगा। जैसे मुख्यमंत्री अपनी बात कहकर सीट पर विराजे तो विपक्ष के सदस्य भी शांति के साथ अपनी सीट पर बैठ गए। इससे पहले विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यटकों की संख्या कम हो रही है। यह चिंता का विषय है।
पर्यटन विकास बोर्ड और हिमाचल प्रदेश पर्यटन विकास निगम के बोर्ड का गठन नहीं किया जा सका है। प्रदेश में पर्यटन के लिए एक्शन प्लान की जरूरत है। प्रदेश में हवाई अड्डे बनाने की बात कही जा रही थी परंतु अब हैलीपैड बनाए जा रहे हैं। उत्तराखंड में हिमाचल का एक अधिकारी चला गया है और उसने वहां हवाई पट्टियों का अच्छा कार्य करके दिखाया है।
जबकि भुंतर में रहते हुए उस अधिकारी की सेवाएं तक नहीं ली गईं। कुल्लू, मनाली और शिमला में विशेष गौर करने की जरूरत है। विधायक राकेश सिंघा ने कटौती प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश में पर्यटक क्यों कम हो रहे हैं। इसके पीछे के कारणों को तलाशने की जरूरत है। इस दिशा में रिव्यू करने की जरूरत है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने सत्रावसान से पहले सदन में कहा - सत्र समापन की ओर जा रहा है। चुनाव के मद्देनजर सत्र छोटा हुआ। चाहे राज्यपाल का अभिभाषण था या कोई दूसरी कार्यवाही, हमने यह साबित किया कि हम कामकाज में विश्वास रखते हैं।
पहले भाजपा जब विपक्ष में थी तो पूरे के पूरे सत्र में कार्यवाही नहीं चलने देती थी। अग्निहोत्री बोले कि कभी किसी ने किसी ने कनकलूडिंग भाषण में मीहणा नहीं दिया। अब मुख्यमंत्री को गुस्सा आने लग गया है।
जबकि हमने तय किया है कि हम विरोध करेंगे। दुश्मनी नहीं करेंगे। आप तो नजर भी नहीं रखने दे रहे हैं। टेढ़े भी नहीं होने दे रहे हैैं। मुकेश अग्निहोत्री ने वीरभद्र की ओर इशारा करके कहा - हमारे साथ जो बैठे हैं वह छह दफा सीएम बने। ये गर्व की बात है। ये सुझाव देते हैं। कुछ मसले हैं, उनको हल करना बाकी है।