उन्होंने कहा कि इस योजना को प्रदेश के 32 विकास खंडों में आरंभ करने को स्वीकृति दी गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आजीविका मिशन को सक्रिय रूप से कार्यान्वित किया जाएगा।
इसके तहत प्रदेश भर के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को विपणन उन्मुख बनाने के लिए प्रेरित व प्रशिक्षित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के तहत पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, खाद्य प्रसंस्करण, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, गौशाला प्रबंधन, पशु आहार, शून्य बजट आधारित कृषि, सौंदर्य प्रसाधन
आदि गतिविधियों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस कार्यों को पूरा करने के लिए प्रदेश सरकार धन की कमी आड़े नहीं आने देगी और यदि आजीविका मिशन के तहत धनराशि कम होती है तो उसे मुख्यमंत्री आजीविका योजना से पूरा किया जाएगा।