मंडी। लाल बहादुर शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक में सोमवार 22 फरवरी को ओपीडी बहाल होगी। यहां चल रहे कोविड समर्पित अस्पताल को सरकार ने बीबीएमबी चिकित्सालय में शिफ्ट करने की अधिसूचना जारी कर दी है। 11 माह से बंद पड़ी ओपीडी को बहाल करने की तैयारियां भी अस्पताल प्रबंधन ने शुरू कर दी हैं।
बुधवार दोपहर मेडिकल कॉलेज नेरचौक के प्राचार्य डॉ. आरसी ठाकुर की अध्यक्षता में विभिन्न विभागाध्यक्षों की बैठक में एसओपी के तहत व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया। ओपीडी बहाल होने से पांच जिलों मंडी, कुल्लू, लाहौल स्पीति, बिलासपुर और हमीरपुर के लोगों को फायदा होगा।
इससे जोनल अस्पताल मंडी में भी भीड़ कम होगी। 13 फरवरी को नेरचौक मेडिकल प्रबंधन ने बैठक कर कोविड अस्पताल को बीबीएमबी शिफ्ट करने का प्रस्ताव पारित कर सरकार को भेजा था। अमर उजाला ने इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया था।
बुधवार को स्वास्थ्य सचिव ने नेरचौक मेडिकल कॉलेज में केवल कोविड अस्पताल चलाने की अधिसूचना को डिनोटिफाई कर दिया है। ओपीडी बहाल होने के बाद नेरचौक मेडिकल कॉलेज आने वालों की दो बार थर्मल स्क्रीनिंग होगी। पहली स्क्रीनिंग गेट पर होगी। कोविड के लक्षण पाए जाने पर व्यक्ति को फ्लू ओपीडी में भेजा जाएगा। यहां कोविड टेस्ट (रैट) लिया जाएगा।
पंद्रह मिनट के भीतर रिपोर्ट आएगी। पॉजिटिव पाए जाने पर रोगी को बीबीएमबी शिफ्ट कर दिया जाएगा। गंभीर होने पर रोगी को टांडा या शिमला आईजीएमसी रेफर किया जाएगा। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य आरसी ठाकुर ने बताया कि वीरवार से मेडिकल कॉलेज के पूरे कैंपस और कक्षों को सैनिटाइज किया जाएगा। इसमें दो या तीन दिन का समय लगेगा।
बीबीएमबी चिकित्सालय में कोविड अस्पताल चलाने के लिए हर तरह की मदद की जाएगी। चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की जाएगी। ओपीडी बहाल करने के लिए मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर का आभार जताया है। 11 माह में कोविड अस्पताल में 1251 रोगी दाखिल हुए। इसमें 1000 से अधिक संक्रमित स्वस्थ हुए हैं। ब्यूरो