उत्तराखंड, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर (लेह और करगिल को छोड़ कर) और उत्तर प्रदेश के 23 जिलों (अधिकतर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के) में आगामी 1 अक्टूबर से चार पहियों वाले ऐसे सभी वाहनों की बिक्री और पंजीकरण पर रोक लग जाएगी, जो भारत स्टेज (बीएस) 4 उत्सर्जन मानक पर खरे नहीं उतरते। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस सिलसिले में बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी।
मंत्रालय से जारी अधिसूचना में बताया गया है कि 1 अक्टूबर 2015 से उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर (लेह और करगिल को छोड़ कर) और उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, ज्योतिबा फुले नगर, रामपुर, मुरादाबाद, अलीगढ़, बदायूं, बरेली, मथुरा, महामाया नगर, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, मैनपुरी, पीलीभीत, शामली, संभल, फर्रूखाबाद, कन्नौज, औरैया और कासगंज जिलों में सिर्फ बीएस -4 मानक वाले फोर व्हीलर्स का उत्पादन और बिक्री होगी।
इसके साथ ही वहां इसी तरह के वाहनों का रजिस्ट्रेशन होगा। गोवा केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा में भी बीएस-4 उत्सर्जन मानक लागू हो जाएंगे। एक अप्रैल, 2016 से दमन और दीव, दादरा ओर नगर हवेली, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह जैसे केंद्र शासित प्रदेश में भी यह लागू हो जाएगा।