फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

30 मिनट से अधिक नहीं लगा सकेंगे नर्सरी-केजी के बच्चों की ऑनलाइन कक्षाएं

Wed, 16 Jun 2021 10:43 AM IST
Krishan Singh अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

मोबाइल फोन और लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासें लगने से विद्यार्थियों पर पड़ रहे विपरीत असर को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है। उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल में भी इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की।
विज्ञापन
क्लास(सांकेतिक) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में पढ़ने वाले नर्सरी और केजी कक्षा के बच्चों की ऑनलाइन क्लास अब 30 मिनट से अधिक नहीं लगेगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार हिमाचल शिक्षा विभाग ने नर्सरी से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की ऑनलाइन पढ़ाई के लिए स्क्रीन टाइम तय कर दिया है। पहली से आठवीं कक्षा के लिए 30 से 45 मिनट के दो ही सत्र स्कूल लगा सकेंगे। नौवीं से 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों की चार सत्रों में 30 से 45 मिनट की क्लास लग सकेगी। मोबाइल फोन और लैपटॉप पर ऑनलाइन क्लासें लगने से विद्यार्थियों पर पड़ रहे विपरीत असर को देखते हुए शिक्षा मंत्रालय की ओर से गाइडलाइन जारी की गई है।

विज्ञापन


मंगलवार को उच्च शिक्षा निदेशालय ने हिमाचल में भी इसे लागू करने की अधिसूचना जारी की।कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के चलते बच्चों की पढ़ाई को जारी रखने के लिए मोबाइल और लैपटॉप के माध्यम से ऑनलाइन क्लासेज का विकल्प अभिभावकों को दिया गया है। अब करीब डेढ़ साल के बाद ऑनलाइन क्लासेज के चलते स्क्रीन टाइम बढ़ने से अभिभावकों को चिंता सताने लगी है। इसके चलते ही केंद्र सरकार ने प्रज्ञता गाइडलाइन जारी की है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा की ओर से जारी अधिसूचना में जिला उपनिदेशकों को इस गाइडलाइन का सख्ती से पालन करवाने को कहा गया है।

उन्होंने कहा कि सरकार बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को भी संतुलित रखना चाहती है। केंद्र सरकार ने योजना, समीक्षा, व्यवस्था, मार्गदर्शन, वार्ता, कार्य, निगरानी और सराहना जैसे 8 बिंदुओं पर प्रज्ञता गाइडलाइन तैयार की है। उन्होंने कहा कि सभी निजी और सरकारी स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की गई है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई को सुचारु बनाए रखने के लिए क्विज को बढ़ावा दिया जाएगा। खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने का प्रयास किया जाए। बच्चों को ऑफलाइन गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। पढ़ाई को रोचक बनाया जाए, जिससे बच्चों पर मानसिक दबाव ना पड़े।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें