हिमाचल में तेल और प्राकृतिक गैस है। इसकी संभावनाओं को देखते हुए ऑयल एंड नेचुरल गैस कमीशन (ओएनजीसी) ने एक बार फिर ज्वालामुखी क्षेत्र में खोज शुरू कर दी है। इसके लिए सुराणी पंचायत में एक साइट का चयन भी फाइनल हो गया है, जहां तेल की तलाश की जाएगी।
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जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ओएनजीसी ने फिर मोर्चा संभाल लिया है। इस बार ओएनजीसी की टीम पूरी तैयारियों के साथ सुरानी पंचायत पहुंची है। टीम ने अपना कार्य भी शुरू कर दिया है। उनका दावा है कि जल्द ही अच्छी खबर मिल सकती है।
जियोलॉजिकल सर्वे की नई रिपोर्ट में ज्वालामुखी क्षेत्र में प्रचुर मात्रा में तेल और प्राकृतिक गैस मिलने की संभावना जताई गई है। ज्वालामुखी विधानसभा क्षेत्र में दो साल पहले भी टिहरी में ओएनजीसी की ओर से तेल और प्राकृतिक गैस खोजने के प्रयास किए गए, लेकिन उनके हाथ निराशा लगी थी। इसके अलावा ज्वालामुखी के बग्गी में भी पेट्रोलियम पदार्थों की खोज में उपकरण लगाए गए थे, लेकिन असफलता ही हाथ लगी थी।
सफलता मिली तो मिलेगा रोजगार
ज्वालामुखी में तेल और प्राकृतिक गैस की संभावना के बारे में लंबे अरसे से रिपोर्ट आ रही है। इस बार की रिपोर्ट में बड़ी मात्रा में तेल मिलने की संभावना जताई है। जियोलॉजिकल सर्वे की रिपोर्ट के आधार पर ओएनजीसी की टीम के सुरानी में पहुंचने के बाद स्थानीय लोगों के चेहरे खिल गए हैं।
यहां पर तेल और प्राकृतिक गैस मिलती है तो क्षेत्र के लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सुरानी पंचायत के प्रधान प्रकाश चंद ने बताया कि उनके क्षेत्र में ओएनजीसी ने उपकरण लगाए हैं। इससे लोगों में खुशी है। ओएनजीसी स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर दे।
ओएनजीसी फ्रंटियर बेसिन के उत्खनन प्रमुख कलोल भट्टाचार्य ने बताया कि ओएनजीसी की टीम इस बार पूरे उत्साह से यहां पहुंची है। सुरानी में तेल निकालने में ओएनजीसी को अवश्य ही सफलता हाथ लगेगी। इसके लिए साइट पर मशीनरी पहुंचा दी गई है।