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कांग्रेस विधायक आशा कुमारी को एक साल की कैद

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पूर्व शिक्षामंत्री और डलहौजी की विधायक आशा कुमारी को जमीन हथियाने के एक मामले में दोष साबित होने पर विभिन्न धाराओं के तहत एक साल की कैद की सजा और जुर्माना लगाया है। विशेष न्यायाधीश चंबा ने इस मामले में 13 लोगों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। मामले के मुख्य आरोपी एवं पूर्व मंत्री के पति बृजेंद्र सिंह समेत छह लोगों की मौत हो चुकी है। सजा पाने वालों में राजस्व विभाग के पूर्व कर्मचारी भी शामिल हैं।
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कोर्ट ने आशा कुमारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 120 बी के तहत एक साल की सामान्य कैद व पांच हजार रुपये जुर्माना, धारा 467 के तहत एक साल की कैद एवं एक हजार रुपये जुर्माना, धारा 468 के तहत एक साल की कैद एवं एक हजार रुपये जुर्माना और धारा 471 के तहत एक साल कैद एवं एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।

कुल एक साल की सजा होगी। जुर्माना अदा न करने की सूरत में उन्हें एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। कोर्ट ने फैसला सुनाने के बाद विधायक आशा कुमारी को जमानत भी दे दी। राजस्व विभाग के कर्मचारी रहे मेहर सिंह, धर्म चंद, चेत सिंह व बलवान सिंह को तीन-तीन साल की कैद व नौ-नौ हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने की सूरत में अभियुक्तों को एक माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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यह था पूरा मामला

दो अन्य दोषियों पुष्प गुलाटी और प्रकाश चंद को भादंसं की धारा 420 व 467 के तहत एक-एक साल की कैद की सजा हुई है। इस केस की पैरवी लोकाधिवक्ता ने की है।

वर्ष 2001 में डलहौजी के पूर्व पार्षद कुलदीप कुमार ने लैंड सीलिंग एक्ट के तहत फर्जी दस्तावेज बनाने के आरोप में विजिलेंस में शिकायत दर्ज करवाई थी। इसमें आशा कुमारी और उनके पति राजकुमार बृजेंद्र सिंह पर राजस्व विभाग के कर्मियों की मिलीभगत से जंदरीघाट में जमीन अपने नाम करवाने का आरोप लगाया था।

इस मामले में राजस्व विभाग के कर्मचारियों पर भी आशा कुमारी एवं उनके परिवार को लाभ पहुंचाने के आरोप थे। विजिलेंस ने जांच के बाद एफआईआर नंबर 3/2001 में कुल 13 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देंगी आशा- विधायक आशा कुमारी इस फैसले को प्रदेश उच्च न्यायालय में चुनौती देने जा रही हैं। उनके अधिवक्ता धर्म मल्होत्रा ने बताया कि बीस हजार रुपये की जमानत पर 20 दिन की मोहलत मिली है। इस अवधि के दौरान हाईकोर्ट से इस फैसले पर स्टे मांगी जाएगी।

इनकी हो चुकी है मौत- जमीन मामले की सुनवाई के दौरान ही छह आरोपियों की मौत हो चुकी है। इनमें विधायक के पति राजकुमार बृजेंद्र सिंह, पूर्ण चंद, गुरचरण दास, विजय सिंह, प्रकाश चंद और नरेंद्र अशोक शामिल हैं।

छिन गया था मंत्री पद- वर्ष 2001 में शिकायत आने के बाद 2003 में कांग्रेस पार्टी की सरकार बनी। इस सरकार में आशा कुमारी को शिक्षा मंत्री बनाया गया था। विरोध के बाद उन्हें शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।
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भाजपा ने मांगा इस्तीफा

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता गणेश दत, प्रवीण शर्मा, कृपाल परमार, चंद्र मोहन ठाकुर और अजय राणा ने डलहौजी की विधायक आशा कुमारी से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा कि चंबा कोर्ट ने उन्हें सजा सुनाई है, इसलिए आशा कुमारी को नैतिकता के आधार पर विधायक पद से तुरंत इस्तीफा देना चाहिए।

फिलहाल विधायक पद को खतरा नहीं- आशा कुमारी के विधायक पद पर फिलहाल कोई खतरा नहीं है। कानून के जानकारों का कहना है कि सेशन कोर्ट से जमानत मिल गई है। ऐसे में अभी पद गंवाने को लेकर कोई संकट नहीं है। हिमाचल बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन राजिंद्र डोगरा और हाईकोर्ट के अधिवक्ता वीर बहादुर का कहना है कि आशा कुमारी को जमानत मिल गई है।

इसके बाद वह अपील कर सकती हैं। अगर सजा सस्पेंड हो जाती है तो उनकी सदस्यता नहीं जाएगी। मुख्य चुनाव अधिकारी नरेंद्र चौहान ने कहा है किसी भी विधायक को सजा होने की स्थिति में थोड़ा सा समय मिलता है, अगर सजा सस्पेंड नहीं होती तो विधानसभा सदस्यता जा सकती है।
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