कुल्लू जिले में ब्यास नदी पर स्थित लारजी जलविद्युत परियोजना करीब सात महीने बाद दोबारा शुरू हो गई है। प्रोजेक्ट की पहली इकाई की स्पिनिंग 15 जनवरी को शुरू हुई। जुलाई 2023 में बाढ़ से प्रोजेक्ट की तीनों इकाई क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इनमें से अब एक इकाई के साथ प्रोजेक्ट ने सफलतापूर्वक अपनी बहाली प्रक्रिया शुरू कर दी है। शेष दो इकाइयों को मई तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। बिजली बोर्ड के मुख्य अभियंता इंजीनियर संजय कौशल के नेतृत्व में राज्य बिजली बोर्ड की उत्पादन टीम ने यूनिट 1 की स्पीनिंग की बहाली में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
चुनौतीपूर्ण कार्य के रूप में पहचाने जाने वाले इस कार्य को बोर्ड ने अपनी प्रतिबद्धता और विशेषज्ञता का प्रदर्शन करते हुए कम से कम समय में पूरा किया है। नंबर 2 और नंबर 3 इकाई को मई तक बहाल करने का लक्ष्य रखा गया है। नंबर-1 इकाई की बहाली पर प्रतिदिन लगभग 6-8 लाख यूनिट ऊर्जा उत्पन्न करने का अनुमान है, इससे बिजली बोर्ड को प्रतिदिन 50 से 72 लाख रुपये अनुमानित राजस्व मिलेगा।
सभी इकाइयों की पूर्ण बहाली के बाद परियोजना प्रति वर्ष लगभग 620 मिलियन यूनिट उत्पन्न करने के लिए तैयार है, इसका वार्षिक राजस्व बिजली खरीद समझौतों के माध्यम से लगभग 310 करोड़ रुपये, 5 रुपये प्रति यूनिट की औसत ऊर्जा खरीद दर के आधार है। 126 मेगावाट की कुल क्षमता वाली परियोजना 2006-07 से चालू थी। 9 जुलाई 2023 को अपने जलमग्न होने तक परियोजना ने प्रभावशाली 104.306 गीगा यूनिट का उत्पादन किया था, जो लगातार अपने वार्षिक उत्पादन लक्ष्य को पार कर गया था।