ऊना के डीसी संदीप कुमार (फाइल फोटो)
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ऊना जिला के आईसोलेशन केंद्रों में रह रहे करीब एक हजार लोगों की घर वापसी की तैयारी पांच जिलों कांगड़ा, चंबा, बिलासपुर, मंडी, हमीरपुर के अफसरों के लिए परेशानी बन गई है। ऊना के आईसोलशन केंद्रों में 14 दिन का क्वारंटीन पूरा कर चुके एक हजार लोगों को लेने से पांचों जिलों के अफसर डर रहे हैं। जबकि, ऊना जिला के अफसर 14 दिन का क्वारंटीन पूरा होने पर इन लोगों को उनके अपने जिलों में भेजने की तैयारी कर चुके हैं। ऐसे में एक हजार लोगों को उनके अपने-अपने जिलों में भेजने का मामला उलझ गया है।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री की सभी जिलों के डीसी, एसपी, सीएमओ के साथ वीडियो कांफ्रेंस के दौरान यह मुद्दा काफी गर्माया रहा। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कुछ अफसरों ने उच्चाधिकारियों से कहा कि उनके जिलों में कोरोना वायरस के मामले नहीं हैं। अगर ऊना से आने वाला एक व्यक्ति भी कोरोना पॉजिटिव हुआ तो उनकी जनता खतरे में पड़ सकती है। इसलिए, फिलहाल 14 दिन और इन लोगों को ऊना जिला के आईसोलेशन केंद्रो में ही रहने देना चाहिए।
ऊना के डीसी संदीप कुमार ने कहा कि उनके जिले के आईसोलेशन केंद्रों में सबसे ज्यादा लोग कांगड़ा जिला के हैं। जिन जिलों के जिलाधीश अपने लोगों को लेना चाहेंगे तो हम भेज देंगे। अन्यथा वे लोगों को ऊना में ही अच्छी परिस्थितियों में रखेंगे।
इसलिए डर रहे पांच जिलों के अफसर
दरअसल, हाल ही में सिरमौर, सोलन और कांगड़ा में ऐसे लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं जिनमें खांसी, जुकाम, बुखार जैसे कोई लक्षण ही नहीं थे। जबकि, वे करीब 3 हफ्ते पहले कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आए थे।
ऊना जिला में फंसे कांगड़ा, चंबा, मंडी, हमीरपुर और बिलासपुर जिलों के एक हजार लोगों ने बेशक 14 दिन का क्वारंटीन पूरा कर लिया है लेकिन, बिना कोरोना टेस्ट किए सभी को असंक्रमित नहीं माना जा सकता। ऊना से इन लोगों को सिर्फ सीएमओ के सर्टिफिकेट के आधार घर वापसी करवाने की तैयारी है। ऐसे में पांच जिलों के अफसरों को उनके जिलों में संक्रमण फैलने का डर है।