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मदद के इंतजार में चली गई पति की जान, 8 माह से दफ्तरों के चक्कर काटती रही लाचार पत्नी

Sat, 30 Sep 2017 09:21 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, पांवटा साहिब (सिरमौर)
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मुख्यमंत्री राहत कोष से मदद का इंतजार करते-करते व्यक्ति की जान चली गई। आठ महीने से व्यक्ति की पत्नी सरकारी कार्यालयों के चक्कर काटती रही। मदद के लिए आश्वासन मिलते रहे। इसी बीच व्यक्ति की मौत हो गई। यह कहानी सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र की रहने वाली रानी की है। 
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अब उसकी पत्नी पर दो बेटियों और बेटे की परवरिश का जिम्मा आ गया है। रानी का पति राकेश कुमार दिल की बीमारी से पीड़ित था। उसने पति के उपचार के लिए जीवन की सारी जमापूंजी खर्च कर दी। जीएमसी चंडीगढ़ सेक्टर-32 में दिल के ऑपरेशन के लिए ढाई लाख खर्च होना था। 

इसके लिए वह प्रदेश सरकार से पिछले आठ माह से मदद की गुहार लगा रही थी। एसडीएम की रिपोर्ट के बाद उपायुक्त कार्यालय से मामला मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजा गया। लेकिन, मदद नहीं मिली। रानी (35) ने बताया कि पति राकेश कुमार (40) शिलाई में मीट की दुकान चलाता था। 
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दुकान की कमाई से दो बेटियों और एक बेटे की शिक्षा और घर का खर्च चल रहा था। फरवरी 2015 में राकेश को दिल का दौरा पड़ गया। लगातार दो दौरे पड़ने से राकेश की हालत बिगड़ती गई। घर में जमा पूंजी और कर्ज लेकर करीब ढाई लाख रुपये उपचार पर खर्च हो गए।

मदद के लिए दो बार सीएम वीरभद्र सिंह से मिली रानी

हालत खराब होने पर जीएमसी अस्पताल सेक्टर-32 चंडीगढ़ में ऑपरेशन के लिए ढाई लाख खर्च बताया गया। रानी ने कहा कि इस मामले में दो बार सिरमौर प्रवास के दौरान सीएम वीरभद्र सिंह से मिलीं। सभी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद आर्थिक सहायता को फाइल शिमला भेजी। 

कई बार शिमला के चक्कर लगाने पर भी फाइल पेंडिंग पड़ी रही। 17 सितंबर  को उनके पति का देहांत हो गया है। अब, बेटियां अदिति (16), शालिनी (14) और बेटे कृष (12) के पालन पोषण का जिम्मा उसके कंधों पर आ गया है। 

सीएम के उपसचिव को भेजा था मामला : राठौर
उधर, सहायक उपायुक्त सिरमौर एसएस राठौर ने बताया कि एडीएम की जांच रिपोर्ट के आधार पर मामला मुख्यमंत्री के उपसचिव को भेजा गया था।
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यहां 5 डिग्री तापमान के बीच 108 एंबुलेंस में ही करवाना पड़ा प्रसव

13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा में 5 से 6 डिग्री तापमान के बीच एक महिला ने बच्चे को जन्म दिया है। महिला को वीरवार शाम करीब पौने सात बजे उदयपुर अस्पताल से कुल्लू रेफर किया गया था, लेकिन रोहतांग पहुंचने से पहले ही महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हो गई।

महिला की हालत को बिगड़ता देख 108 में तैनात इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन मान चंद और वीर सिंह ने महिला अनीता देवी निवासी रतौली उदयपुर का सफल प्रसव करवाया। करीब 11:50 रोहतांग टॉप पर ही महिला ने बेटे को जन्म दिया।

इसके बाद 108 एंबुलेंस से अनीता देवी को सुबह 3:30 पर क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू पहुंचाया गया। यहां दोनों जच्चा और बच्चा सुरक्षित हैं। 108 एंबुलेंस मंडी जोन के प्रोग्राम मैनेजर मुश्ताक अहमद ने बताया कि रोहतांग टॉप पर सर्दी के बीच महिला का प्रसव करवाना 108 की बड़ी उपलब्धि है। 
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