हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी से स्वाइन फ्लू का खतरा बढ़ गया है। टांडा मेडिकल कालेज में सोमवार को स्वाइन फ्लू से पीड़ित 52 साल की एक महिला की मौत हो गई। ऐसे में प्रदेश में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरने वालों की संख्या 10 पहुंच गई है। अब तक इस बीमारी की चपेट में 44 लोग आ चुके हैं।
चिकित्सकों का कहना है कि ठंड बढ़ने से स्वाइन फ्लू का वायरस और सक्रिय हो जाता है। तापमान जब तक 25 डिग्री सेल्सियस को पार नहीं करेगा, तब तक स्वाइन फ्लू का वायरस वातावरण में सक्रिय रहेगा। ऐसे में ताजा हिमपात और बारिश प्रदेश के लिए खतरे की घंटी है।
जानकारों का कहना है कि ऐसे मौसम में प्रदेश के लोगों को अधिक बचाव करने की जरूरत है। टांडा मेडिकल कालेज में सोमवार को जिस महिला की मौत हुई, वह नगरोटा बगवां तहसील के बोहड़क्वालू गांव की रहने वाली थी। महिला को शनिवार रात गंभीर हालत में टांडा अस्पताल में दाखिल किया गया था।
स्वाइन फ्लू़ से टांडा में यह पांचवीं मौत है। अस्पताल प्रशासन ने महिला की मौत के बाद रिपोर्ट जिला स्वास्थ्य विभाग को भेज दी है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही महिला के गांव में जाकर उसके संपर्क में आने वाले रोगियों को दवाइयां बांटेगा।
स्वास्थ्य विभाग के नोडल आफिसर डा. राजेश गुलेरी ने कहा कि ताजा बारिश और बर्फबारी ने चिंता बढ़ा दी है। इसको लेकर प्रदेश की ओर से लोगों में जागरूकता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
हिमाचल में स्वाइन फ्लू की तस्वीर
मरीजों की मौत=====10
चपेट में आए=====44
संदिग्ध मरीज=====165