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जाम से कुछ राहत : वन मिनट ट्रैफिक प्लान का 72 घंटे बाद दिखने लगा असर

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शहर की क्षमता के लिहाज से प्रवेशद्वारों से छोड़े जा रहे वाहन
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पुलिस का दावा, शहरवासियों को जल्द मिलेगी लंबे जाम से निजात

सकुर्लर मार्ग की 12,000 वाहनों की क्षमता, कई गुना अधिक वाहनों को रेगुलेट करने की कोशिश कर रही पुलिस
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। शहर में वाहनों के बढ़ते दबाव से लगने वाले जाम से निपटने के लिए पुलिस तीन दिन पहले वन मिनट ट्रैफिक प्लान लेकर आई है। इसके तहत शहर की सड़कों की क्षमता के लिहाज से प्रवेशद्वारों पर वाहनों को कुछ अंतराल के बाद छोड़कर लोगों को जाम से निजात दिलाने की कोशिश की जा रही है। बुधवार को शिमला शहर की सड़कों पर दोपहर के समय पुलिस के इस अभियान का असर भी देखने को मिला। शहर के भीतर मुख्य मार्गों पर लगने वाले जाम से निपटने में मदद मिली है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि इस प्लान के तहत आने वाले दिनों में शहरवासियों को जाम से काफी राहत मिलेगी। इसको लेकर जिला पुलिस ने पूरा खाका तैयार किया है।
पुलिस के मुताबिक शहर के सर्कुलर मार्ग पर एक साथ करीब 12,000 वाहन चल सकते हैंं। अगर इससे अधिक वाहन एक समय में शहर की सड़कों पर होंगे तो ट्रैफिक जाम की समस्या से लोगों को जूझना पड़ेगा। इसको देखते हुए पुलिस विभाग ने शोघी, छराबड़ा और हीरानगर में होल्डिंग प्वाइंट वाहनों की संख्या को नियंत्रित करने के स्थान चिह्नित किए हैं। इसके तहत शहर की क्षमता के हिसाब से इन प्रवेशद्वारों पर वाहनों को रोका और छोड़ा जा रहा है।
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विक्ट्री टनल में वाहनों की अधिक क्षमता से जाम हो जाता है पूरा शहर
राजधानी के विक्ट्री टनल में एक साथ तीन जगह से वाहन आते हैं और यह शहर का सबसे प्रमुख स्थान है। अगर यहां जाम लग जाए तो यहां से जाम बढ़ता हुआ पूरे शहर में लग जाता है। जिला पुलिस के मुताबिक यहां की माॅनिटरिंग से पता चला है कि यहां एक मिनट में 38 वाहनों के गुजरने की क्षमता है, जबकि वाहनों के फ्लो की बात करें तो यहां लक्कड़ बाजार, विधानसभा और पुराना बस अड्डे की तरफ से हर समय 60 से 65 वाहन आते हैं। यही वजह है कि वाहनों की अधिक क्षमता होने से यहां जाम लग जाता है और इससे तीनों प्रमुख मार्गों पर वाहनों की लाइनें लग जाती हैं। वन मिनट ट्रैफिक प्लान के तहत इस बात पर जोर दिया जा रहा है कि शहर के इस प्रमुख स्थान पर तय वाहनों का दबाव रहे, जिससे शहरवासियों को (क्रॉस कंजेशन) दोनों तरफ से लगने वाले जाम से न जूझना पड़े।

40 सेकेंड, 20 सेकेंड में छोड़े जा रहे वाहन, 200 प्वाइंट की सीसीटीवी से हो रही मॉनिटरिंग
जिला पुलिस के मुताबिक शहर के प्रवेशद्वारों पर होल्डिंग प्वाइंट बनाकर शहर में क्षमता के लिहाज से वाहनों को छोड़ा जा रहा है। 40 सेकेंड और 20 सेकेंड के अंतराल में वाहनों को छोड़ा जा रहा है। इसके अलावा अधिक वाहन होने पर कई बार कुछ और समय लेकर वाहन छोड़े जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है इससे बेशक बाहर से आने वाले लोगों को कुछ देर इंतजार करना पड़ रहा है लेकिन शहर की करीब ढाई लाख की आबादी को घंटों लगने वाले जाम से निजात मिल रही है। साथ ही यहां से निकलने के बाद बाहर से आने वाले वाहन भी निर्बाध रूप से शहर में अपने गंतव्य तक पहुंच सकते हैं।
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कोट्स
वन मिनट ट्रैफिक प्लान का मकसद शहरवासियों को घंटों लगने वाले जाम से निजात दिलाना है। वैज्ञानिक तरीके से विशलेषण के बाद ही यह निर्णय लिया गया है। प्रवेशद्वारों पर क्षमता से अधिक वाहनों को रोककर अंतराल में छोड़ा जा रहा है। यह 12,000 की क्षमता वाले मार्ग पर कई गुना वाहनों को रेगुलेट करने का प्रयास है। लोगों को इससे राहत मिल रही है।
-संजीव गांधी, पुलिस अधीक्षक, शिमला
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