हिमाचल के ऊना जिला के चिंतपूर्णी अस्पताल में बरामद हुई एक्सपायर दवाओं के मामले में कई स्वास्थ्य अधिकारी नपेंगे। स्वास्थ्य निदेशालय शिमला हर अस्पताल पर सीधे नजर रखने की तैयारियों में है। इसके तहत सूबे के सभी अस्पतालों का औचक निरीक्षण कर दवाओं की स्थिति को जांचा जाएगा।
सरकार के आदेशानुसार चिंतपूर्णी सिविल अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट बीडी सिन्हा को सस्पेंड कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान उन्हें बिना बताए शहर को न छोड़ने की हिदायत भी दी गई है। अस्पताल के दवा स्टोर से एक्सपायरी डेट की दवाओं के मिलने से जिला ऊना के कई स्वास्थ्य अधिकारी अब निदेशालय की राडार में आ गए हैं।
इस मामले की जांच का शिकंजा अभी कई अन्य अफसरों, कर्मचारियों पर भी कसेगा। निदेशालय के मुताबिक एक अफसर या एक कर्मचारी के स्तर पर यह लापरवाही नहीं हो सकती। ऐसे में विभागीय जांच में कइयों से पूछताछ की जाएगी। स्वास्थ्य निदेशक डा. डीएस गुरुंग का कहना है कि एक्सपायर दवाओं के मामले को लेकर निदेशालय पूरी तरह से सतर्क है।
लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पूरे प्र्रदेश के अस्पतालों पर कड़ी नजर रखी जाएगी। डा. गुरुंग ने बताया कि चिंतपूर्णी अस्पताल के चीफ फार्मासिस्ट को सस्पेंड कर दिया गया है। सीएमओ ऊना से पूरी रिपोर्ट मांगी गई है।