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सांगना पुल के पास पार्वती नदी में गिरा वाहन एक की मौत, एक लापता

Tue, 21 Nov 2017 01:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुल्लू
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मणिकर्ण के सांगना पुल के पास सोमवार को जालंधर से आए सैलानियों की गाड़ी पार्वती नदी में गिर गई। हादसे में एक की मौत हो गई, जबकि तीन को बचा लिया गया है। गाड़ी का चालक गाड़ी समेत लापता बताया जा रहा है। हादसा सोमवार को करीब अढ़ाई बजे पेश आया। 
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गाड़ी में चालक समेत पांच लोग सवार थे। मृतक की पहचान सौरभजोत सिंह नारंग पुत्र अमरजीत सिंह, 4 वाई 223 न्यू विजयनगर, जालंधर, पंजाब के रूप में हुई है। 

घायलों की पहचान जसवीर सिंह भूपराय पुत्र प्रकाश सिंह भूपराय, 13 न्यू देयोल नगर, नगोहर रोड जालंधर, राम आहुजा पुत्र चंद्रमोहन आहुजा एनएम 604 गोपालनगर जालंधर और सत्यम कश्यप पुत्र संजीव कुमार डब्ल्यूएक्स 77 नजतामनगर, जालंधर के रूप में हुई है। चालक गुरप्रीत घुगी निवासी जालंधर वाहन समेत लापता है। 

पुलिस देर शाम तक उसकी तलाश करती रही लेकिन अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। जालंधर निवासी सभी लोग वाहन में मनाली घूमने आए थे। 
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सोमवार को सभी कसोल से तोष घूमने जा रहे थे कि मणिकर्ण से करीब एक किलोमीटर आगे सांगना पुल के पास चालक ने गाड़ी से नियंत्रण खो दिया। गाड़ी सीधे पार्वती नदी में समा गई। हादसे के वक्त चार लोग छिटक कर नदी में गिर गए। 

इसमें तीन लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जबकि एक व्यक्ति का शव मिला। वाहन और चालक का अभी तक कोई अता पता नहीं लग सका है। पुलिस ने देर शाम तक ढूंढने का प्रयास किया लेकिन भी सुराग नहीं मिल पाया है। 
 
मामले की जांच कर रहे मणिकर्ण पुलिस चौकी के प्रभारी नंद लाल ठाकुर ने कहा कि पर्यटक पंजाब के जालंधर से मणिकर्ण घूमने आए थे। रविवार को सभी लोग कसोल ठहरे हुए थे। 

सोमवार दोपहर बाद सभी तोष गांव की ओर जा रहे थे तभी गाड़ी का चालक मणिकर्ण से करीब एक किलोमीटर आगे सांगना पुल के पास अपना नियंत्रण खो बैठा और गाड़ी पार्वती नदी में जा समाई। कहा कि मामले की जांच की जा रही है। चालक का पता नहीं लग पाया है।
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मृत मिला लापता आईपीएच कर्मी

 क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर से 38 दिन पहले रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हुए स्वारघाट के काथला गांव निवासी नारायण दास (55) का शव कुनाला के पास शील जंगल में मिला है। शव पत्थरों के बीच क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के हवाले कर दिया है।

पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।मिली जानकारी के अनुसार नारायण दास आईपीएच विभाग स्वारघाट में हेल्पर के पद पर कार्यरत था। अक्तूबर माह में नारायण दास को अचानक पेट में दर्द उठा। परिजन 108 एंबुलेंस में उसे स्वारघाट प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए।

लेकिन, यहां से चिकित्सकों ने उसे क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर को रेफर कर दिया। नारायण दास के भाई लक्ष्मण सिंह ने बताया कि क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में उपचार के दौरान नारायण दास 14 अक्तूबर को अपने कमरे से शौचालय जाने के लिए बाहर निकला, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा और गायब हो गया।

परिजनों ने उसे काफी ढूंढा, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चला। जब वह नहीं मिला तो उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट सिटी चौकी में दर्ज करवाई। 
सोमवार को शील जंगल में घास काटने गई स्थानीय महिलाओं को वहां पर दुर्गंध आने लगी।

जब उन्होंने पास जाकर देखा तो कोई पत्थरों के बीच पड़ा हुआ था। इसकी जानकारी उसने ग्रामीणों को दी। किसी शख्स ने इसकी जानकारी नारायण दास के भाई को दी। उसके बाद वे संबंधित महिला को साथ लेकर मौके पर पहुंचे और पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना सदर के प्रभारी पुलिस

टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। शव को पोस्टमार्टम के लिए क्षेत्रीय अस्पताल भेज दिया। कयास लगाए जा रहे हैं कि नारायण दास की मौत गिरने की वजह से हुई होगी। लेकिन पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने का इंतजार कर रही है।

मृतक के भाई का कहना है कि उसके शरीर पर चोट का कोई भी निशान नहीं है। लेकिन चेहरा काफी बिगड़ चुका है। किसी जानवर या पक्षी ने चेहरे को नोचा होगा। एसपी बिलासपुर अंजुम आरा ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और छानबीन की जा रही है। 
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