खाद्यान्न उत्पादन में सराहनीय उपलब्धियों के लिए भारत सरकार ने हिमाचल प्रदेश को कृषि कर्मण्य पुरस्कार 2014-15 के लिए चयनित किया है। पुरस्कार में एक करोड़ रुपये की राशि, ट्रॉफी और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।
यह पुरस्कार कृषि मंत्रालय की ओर से धान, गेहूं, मोटे अनाज, दालों और कुल खाद्यान्न उत्पादन में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वालें राज्यों को प्रदान किया जाता है। इस पुरस्कार की जानकारी भारत सरकार कृषि मंत्रालय के कृषि आयुक्त एसके मल्होत्रा ने अतिरिक्त मुख्य सचिव कृषि हिमाचल प्रदेश उपमा चौधरी को एक पत्र के माध्यम से दी है।
मल्होत्रा ने कहा कि कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश की ओर से किसानों को तकनीकी जानकारी पहुंचाने के फलस्वरूप वर्ष 2014-15 में खाद्यान्न उत्पादन में असाधारण बढ़ोतरी हुई है। प्रदेश में पिछले तीन वर्षों के दौरान कुल खाद्यान्न उत्पादन 15.41 लाख टन से बढ़कर 16.73 लाख टन तक पहुंचा है।
इसके अतिरिक्त विभाग ने पाली हाउस खेती, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती और मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन को बढ़ावा देने के लिए भी सराहनीय कार्य किया है।
उन्होंने किसानों को बधाई देते हुए उनसे प्रदेश सरकार की ओर कृषि उपज में वृद्धि करने के लिए संचालित विभिन्न तकनीकों को अपनाने एवं योजनाओं का समुचित लाभ उठाने का आग्रह किया है।