दंपती और दोनों परिवार सुनवाई में हुए थे शामिल
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संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राज्य महिला आयोग की पहल ने एक और घर टूटने से बचा लिया। आयोग में आए मामले में दो परिवारों की अनबन के चलते उलझे रिश्ते को आयोग ने संवारा और दंपती अब साथ रहने को राजी हो गए। आयोग में डेढ़ साल पहले यह मामला आया था जिसे तीन घंटे की मशक्कत के बाद आपसी बातचीत से सुलझा दिया।
दरअसल वर्ष 2024 में दंपती की शादी हुई थी और वर्ष 2025 अप्रैल में आयोग के पास यह मामला आया था। इसमें पति दिल्ली और पत्नी हिमाचल से संबंधित थी। दंपती के बीच अनबन का मुख्य कारण दोनों परिवारों के बीच अनबन था। छोटी-छोटी बातों पर मतभेद बढ़ते गए और स्थिति गंभीर हो गई। इस मामले में नोक झोंक ने बड़ा रूप ले लिया था। इसके बाद महिला ने अपने मायके में रहने का फैसला ले लिया और वह पिछले डेढ़ साल से अपने पति से अलग रह रही थी।
आयोग के पास जब यह मामला आया उस समय दंपती और दोनों परिवारों को सुनवाई के लिए बुलाया था। इस दौरान करीब चार बार पत्नी और एक बार पति आयोग में सुनवाई के लिए पहुंचा था। इसके बाद काउंसलिंग के लिए आयोग ने दोनों को पांचवीं बार बुलाया और शनिवार को दोनों पक्ष आयोग में पहुंचे। आयोग ने दोनों पक्षों को शांति से सुना और मामले की गंभीरता को समझा। तीन घंटे तक चली बातचीत के बाद मामला सुलझाता हुआ नजर आया। इस पहल से दंपती के बीच की दूरियां खत्म हुईं। अब वह अपने वैवाहिक जीवन को नई शुरुआत देने के लिए तैयार हैं। इसके बाद दोनों परिवारों ने एक-दूसरे के गले लगा कर गिले शिकवे खत्म किए और दंपती दिल्ली में साथ रहने को राजी हो गए।
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रिश्तों में भर रहे प्रेम की मिठास : नेगी
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी ने बताया कि मामले से संबंधित पक्षों को सुनने के बाद यह सामने आया कि आज के दौर में रिश्ते पारिवारिक और छोटी-छोटी बातों पर हुई आपसी अनबन से टूटने की कगार पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में रिश्ते को बचाने के लिए बातचीत की पहल कारगर साबित हो सकती है। इसलिए आयोग निरंतर रिश्तों की खटास मिटाकर परिवारों में प्रेम की मिठास भरने का प्रयास कर रहा है।