हिमाचल कैबिनेट ने एक साल के लिए करदाताओं को डिपो में मिलने वाले राशन की सब्सिडी से बाहर कर दिया है, जबकि एपीएल उपभोक्ताओं को राशन में मिलने वाली सब्सिडी आधी कर दी। बुधवार को पीटरहॉफ शिमला हिमाचल कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने बीपीएल परिवार की सालाना आय सीमा बढ़ाने को भी मंजूरी दी। 45 हजार रुपये सालाना आमदनी वाले लोग अब गरीबों की श्रेणी में आएंगे। सरकार के इस फैसले से डेढ़ लाख राशन कार्ड उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। एपीएल के ये लोग एनएफएसए में गरीब परिवारों की श्रेणी के तहत कवर होंगे।
सरकार से इस फैसले से 71 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह पैसा कोविड-19 फंड में जाएगा। हिमाचल में साढ़े 18 लाख राशन कार्ड परिवार हैं। इनमें साढ़े 12 लाख एपीएल राशन कार्ड और पौने छह लाख गरीब राशन कार्ड धारक परिवार है। कुल एपीएल परिवारों से तीन लाख राशनकार्ड सीधे कम हो जाएंगे। इसमें से डेढ़ लाख कर दाता और डेढ़ लाख वह राशनकार्ड उपभोक्ता जो गरीबी रेखा में आएंगे। इन लोगों को अब आटा तीन रुपये 30 पैसे प्रति किलो और चावल दो रुपये प्रति किलो मिलेगा। सरकार के इस फैसले से एपीएल उपभोक्ताओं की संख्या अब साढे़ 12 से साढ़े नौ लाख रह जाएगी। गरीबों परिवार की संख्या पौने छह से सात लाख 25 हजार से आसपास हो जाएगी।