9 फीसदी ब्याज प्रति वर्ष की दर से करना होगा भुगतान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। वाहन मालिक को इंश्योरेंस क्लेम न देने पर उपभोक्ता अदालत ने बीमा कंपनी को जुर्माना लगाया है। आयोग ने बिशन दास के हक में फैसले की सुनवाई में न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को 55,146 (सर्वेक्षक द्वारा निर्धारित राशि का 75 प्रतिशत) रुपये का भुगतान करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही 15 हजार रुपये मानसिक तनाव और कोर्ट खर्च के भी देने होंगे। इंश्योरेंस कंपनी ने बीमा पॉलिसी पूर्व मालिक के नाम के आधार पर दावे को खारिज किया था।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता बिशन दास ने बताया कि प्रतिवादी पूनम वाहन ऑल्टो (के10) की मालिक थी। वाहन 23 जनवरी 2022 तक बीमाकृत था। 11 फरवरी को 2021 को उसने पूनम से वाहन खरीद लिया। वाहन की बिक्री के कागजात यानी वाहन का पंजीकरण प्रमाण पत्र और बीमा पॉलिसी उसे सौंप दिए थे। इसी दौरान 27 फरवरी, 2021 को कच्चीघाटी में सड़क किनारे पार्क उसके वाहन को बस ने टक्कर मार दी जिससे वाहन को काफी नुकसान हुआ। उन्होंने इस बाबत पुलिस और बीमा कंपनी को सूचित किया। मरम्मत का खर्च 1.12 लाख रुपये बना। शिकायतकर्ता के मुताबिक हादसे के समय वाहन का बीमा पूनम के नाम से था ऐसे में शिकायतकर्ता और बीमाधारक के द्वारा दायर दावे के लिए 14 जुलाई 2021 को अस्वीकृत कर दिया। इससे परेशान होकर उसने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
इंश्योरेंस कंपनी ने जवाब दिया कि बीमा पॉलिसी की शर्तों के अनुसार 73,528 रुपये का खर्चा मूल्यांकन किया था लेकिन बीमाधारक के पास कोई बीमा योग्य हित नहीं है, उसने शिकायतकर्ता को वाहन बेचा दिया था। आयोग के अध्यक्ष डॉ. बलदेव सिंह और सदस्य कैलाश चंद की पीठ ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद उपभोक्ता आयोग ने सेवा में कमी और अनुचित व्यापार व्यवहार के चलते बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह उपभोक्ता को 45 दिन के भीतर शिकायत दर्ज करने की तिथि से प्रति वर्ष नौ फीसदी के ब्याज के साथ भुगतान अदा करें।