पुलिस की कार्रवाई पर देवता के कार-कारिंदे और अनुयायी भड़क गए थे। इस पर उन्होंने एलान कर दिया था कि वे भारी जनसमूह के साथ देवता के रथ को सरकाघाट थाने ले जाएंगे और पुलिस से अपने गूरों और अन्य आरोपियों को छुड़ा लेंगे।
हंगामे की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने भी धारा 144 लगाने की तैयारी कर ली थी। जब लोगों को इस बात का पता चला तो उन्होंने सरकाघाट आने का विचार बदल दिया और कहा कि देवता ने वहां जाने से इंकार कर दिया। बाद में सभी अनुयायी मतेहड़ी में ही रुक गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 144 लगाने की तैयारी कर ली थी, लेकिन देवता का रथ मतेहड़ी में ही रुक गया। -जफर इकबाल, एसडीएम