सूबे में लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने के लिए संघर्ष कर रहे हजारों पेंशनरों को झटका लगा है। लोकसभा में शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप के सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिवप्रताप शुक्ल ने बताया कि पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की कोई योजना नहीं है।
बढ़ती पेंशन देनदारियों और वित्तीय कठिनाइयों की वजह से केंद्र सरकार में एक जनवरी 2014 के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार की पेंशन बंद करने की भी कोई योजना नहीं है। वर्ष 2017-18 के दौरान केंद्र सरकार ने पेंशन देनदारियों पर कुल 156641.29 करोड़ रुपये खर्च किए हैं।
शुक्ल ने बताया कि केंद्र सरकार ने नई पेंशन योजना में अपनी हिस्सेदारी 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी कर दी है। इससे अगले वित्त वर्ष में केंद्रीय कोष पर 2,840 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि 30 नवंबर 2018 तक विभिन्न बैंकों के माध्यम से 4779 लाभार्थी फैमिली पेंशन ले रहे हैं। विभिन्न राज्य सरकारों और अन्य संगठनों के माध्यम से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने के कई आवेदन मिले हैं।