तपती दोपहरी में जब पारा 35 डिग्री सेल्सियस तक चढ़ गया था, उस समय शरीर झुलसा देने वाली गर्मी के बीच गर्म सड़क पर रेंगते-रेंगते एक वृद्ध दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए फरियाद लेकर डीसी दफ्तर जाने को मजबूर हुई।
मामला हिमाचल के हमीरपुर का है। यहां जिलाधीश हमीरपुर के कार्यालय में पहुंची वृद्ध महिला ने डीसी को अपना दुखड़ा सुनाया। परोल गांव की विमला देवी (65) ने बताया कि अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकती हैं और चलने-फिरने में असमर्थ हैं।
उन्हें पिछले पांच महीने से सामाजिक सुरक्षा पेंशन नहीं मिल रही है। इससे घर चलाना मुश्किल हो गया है। पैसे नहीं मिले तो ऐसी धूप में ही घर से निकलना पड़ा। लंबे सफर और तेज धूप में महिला के पसीने छूट रहे थे। लेकिन मजबूरी ऐसी थी कि उसने इसकी परवाह नहीं की।
वहीं, इस घटना से एक बार फिर सामाजिक सुरक्षा के दावों की पोल खुल गई है। कल्याण विभाग पेंशन नहीं दिए जाने के पीछे भोरंज उपचुनाव का हवाला दे रहा है। विमला देवी ने बताया कि उनके माता-पिता की सालों पहले मौत हो चुकी है।
वे मजदूरी करने के लायक भी नहीं हैं। केवल सरकार से मिलने वाली 650 रुपये की सामाजिक सुरक्षा पेंशन पर ही पूरी तरह निर्भर हैं, लेकिन यह भी पिछले कई महीनों से नहीं मिल रही है।
ऐसे में गुजारा करना मुश्किल हो गया है। इसी पेंशन से ही जैसे-तैसे गुजारा चल रहा है। बीमारी की हालत में दवा लेने के लिए भी पैसे नहीं हैं। इसी के चलते वे सोमवार को उपायुक्त हमीरपुर के पास पहुंचीं, लेकिन यहां भी उन्हें आश्वासनों के सिवाय कुछ नहीं मिला।
जिला कल्याण विभाग के कार्यालय में संपर्क करने पर कहा गया कि भोरंज उपचुनाव के चलते तिमाही मिलने वाली पेंशन में देरी हुई है। उधर, उपायुक्त हमीरपुर मदन चौहान ने कहा कि जिला कल्याण विभाग को पेंशन का वितरण समय पर करने के निर्देश दिए जाएंगे।