शहर के राशन डिपुओं में सरसों तेल पहुंचने के बाद तुरंत ही बिक गया। शहर के अधिकांश संचालकों के पास सरसों तेल खत्म है। शहर के चुनिंदा बड़े डिपो ही बचे हैं जहां पर एक से दो दिन की सप्लाई बची है। ऐसे में अगर सरसों तेल की सप्लाई एक से दो दिन में दोबारा नहीं पहुंचती है तो फिर से सरसों तेल का संकट डिपुओं में गहरा सकता है।
शिमला शहर में करीब 40 राशन के डिपो हैं। इन राशन डिपुओं से 26 हजार से अधिक कार्ड धारक राशन लेते हैं। ऐसे में रविवार को अवकाश होने के कारण दिनभर शहर के डिपुओं में लोगों की भीड़ लगी रही। बस स्टैंड, लक्कड़ बाजार समेत आसपास के कुछ चुनिंदा डिपो ही ऐसे हैं जहां पर एक से दो दिन का स्टॉक बचा है। जबकि बाजार के बीचोबीच स्थित राशन डिपुओं में बीपीएल परिवारों का ही सरसों तेल बचा है। एपीएल परिवार के लिए तो चार से पांच पैकेट ही बचे हैं। लोगों ने सरकार से मांग की है कि पर्याप्त मात्रा में सप्लाई डिपुओं में मुहैया करवाई जाए।
40 से लेकर 100 पेटियां बचीं
शहर के राशन डिपुओं में किसी के पास 40 तो किसी के पास 100 पेटियां बची हैं। जिन डिपुओं में 1000 से अधिक कार्ड हैं वहां पर यह पेटियां महज एक दिन से डेढ़ दिन के लिए ही हैं। हालांकि अब संचालक केवल एक महीने का कोटा ही दे रहे हैं।