संयुक्त ग्रामीण राजस्व अधिकारी (पटवारी) एवं कानूनगो महासंघ ने प्रदेश सरकार की ओर से जारी बिजली के बिलों का भुगतान और फिक्स ट्रेवलिंग अलाउंस (एफटीए) के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। महासंघ ने वीरवार को कैंडल लाइट में काम करने का फैसला लिया है जबकि 19 अगस्त से प्रदेश में पटवारी और कानूनगो वर्क टू रूल के तहत सेवाएं देंगे।
महासंघ का आरोप है कि उनकी मुख्य मांगें मानने को लेकर सरकार गंभीर नहीं है। छोटी-छोटी मांगों पर सहमति जताकर उन्हें बहलाने की कोशिश की जा रही है। प्रदेश सरकार ने पटवारियों को कानूनगो की तर्ज पर 150 रुपये ट्रेवलिंग अलाउंस और एडिशनल चार्ज पर 50 फीसदी यानी 75 रुपये देने का फैसला लिया है।
इसी तरह पटवार सर्कल में 50 रुपये बिजली के बिल और एडिशनल चार्ज वाले सर्कल में 25 रुपये हर महीने दिए जाएंगे। महासंघ का कहना है कि सर्कलों में बिजली के बिल 300 रुपये से कम नहीं आ रहे हैं। इसी विरोध स्वरूप वीरवार को दफ्तरों की बत्तियां बंद करके कैंडल लाइट में काम होगा।
बैठक में तैयार हुआ ये प्रस्ताव
14 अगस्त को कैंडल लाइट में कार्य किया जाएगा, 15 अगस्त को मंत्रियों को ज्ञापन, 19 अगस्त से वर्क टू रूल के तहत काम किया जाए, 24 तक मांगें नहीं मानी तो प्रदर्शन, जिला उपायुक्तों को मांग पत्र सौंपे जाएंगे, सितंबर में तहसील, उप तहसील कार्यालय में गेट मीटिंग।
कानूनगो से नायब तहसीलदार के लिए शत प्रतिशत पदोन्नति, चार क्षेत्रीय पटवार वृत्तों पर एक कानूनगो वृत्त सृजन करना, नए सृजित सभी उप मंडलीय अभिलेख कक्षों में पटवारी के पद सृजित करना, अनुबंध पटवारियों को इस पद के लिए सभी भत्ते देना, प्रदेश भर में रिक्त पड़े पदों को भरना।
बैठक की अध्यक्षता प्रदेशाध्यक्ष प्रताप सिंह ठाकुर ने की। इस अवसर पर महासचिव राकेश कुमार, प्रदेश संघर्ष समिति के चेयरमैन दलीप राणा, नारायण डोगरा, हेमराज, विजय सिंह, रोशन लाल, बल किशन, तेजेंद्र सिंह, केडी मेहता, सुरेंद्र चौधरी, हेमराज, सूरज प्रकाश, सुभाष शर्मा, अंकेक्षक कंवलजीत सिंह, सतीश चौधरी, बाल कृष्ण शर्मा सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।