हिमाचल में फिलहाल नई सरकार के गठन का इंतजार हो रहा है। प्रेम कुमार धूमल की हार के बाद भाजपा सीएम पद के नए चेहरे की खोज में जूटी है। इसी बीच अफसरों ने नई सरकार से सामना करने की कसरत शुरू कर दी है।
नए मुख्यमंत्री और मंत्रियों का सामना करने के लिए हिमाचल के आला अफसरों ने अपने महकमों की फाइलें रटनी शुरू कर दी हैं। प्रदेश सचिवालय और मुख्यालय में अधिकारी अपने विभागों और अनुभागों के अफसरों और कर्मचारियों से सरकारी कामकाज की फाइलें मंगवा रहे हैं।
उन्हें बारीकी से देखा जा रहा है। किस योजना पर कितना काम हुआ है और किस पर कितना काम बचता है, इस पर गहरा मथन हो रहा है। मंत्रियों के पूछने से पहले अफसर खुद को अपडेट करने में लगे हैं।
नई सरकार में फेरबदल का भी अधिकारियों को भय है, इसलिए अपनी कुर्सी को बचाए रखने के लिए भी इस तरह की रिहर्सलें हो रही हैं। हिमाचल सरकार करीब 50 हजार करोड़ के कर्जे में डूबी है।
अफसर इसको लेकर ले रहे अपडेट
सरकार चलाने के लिए कांग्रेस हर साल लोन लेती रही है। इस राशि को किन-किन विकास कार्यों में खर्च किया गया है और वर्तमान में इसकी क्या स्थिति है। इसको लेकर भी सचिवालय के अफसर अपडेट हो रहे हैं।
सरकार के महत्वपूर्ण महकमे लोक निर्माण विभाग, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग, परिवहन निगम, वित्त विभाग, ऊर्जा आदि विभागों में अफसरों की बैठकों का दौर जारी है। फील्ड में तैनात अफसरों को मुख्यालय में बुलाकर विकास कार्यों की समीक्षा की जा रही है।
हिमाचल में करोड़ों के काम पाइप लाइन पर हैं। वर्तमान में इनकी क्या स्थिति है, इसको लेकर अफसरों की उठकबैठक चल रही है। पानी की स्कीमें, सड़कों और पुलों का निर्माण, बिजली प्रोजेक्ट, बसों की खरीदारी आदि ऐसे कार्य हैं, जिन पर करोड़ों की राशि खर्च की जा रही है। मंत्रियों के पूछने से पहले ही अफसर इसकी जानकारी प्राप्त कर फाइलों को भी अपडेट कर रहे हैं।
सप्ताह के भीतर होनी है ताजपोशी
हिमाचल में नई सरकार की ताजपोशी सप्ताह के भीतर होनी संभावित है। मंत्रियों को विभागों के बारे में जानकारी देने के लिए अफसर अपने आप को हर जानकारी से अपडेट कर रहे हैं।