निजी-सरकारी सेवाओं में कार्यरत मजदूरों को दें समान वेतन संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। हिमाचल आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन ने सोमवार को सीटू राष्ट्रीय जनरल काउंसिल के आह्वान पर डीसी ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया।
प्रदर्शन के दौरान ठेका, आउटसोर्स, कैजुअल, मल्टी टास्क, मल्टी पर्पज और फिक्स टर्म कर्मियों ने विभिन्न मांगों को पूरा न करने का विरोध जताया। शाम चार बजे हुए प्रदर्शन में सैकड़ों की तादाद में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन की अगुवाई सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने की। मेहरा ने बताया कि सार्वजनिक क्षेत्र के उद्योगों और प्रतिष्ठानों, निजी तथा सरकारी सेवाओं में कार्यरत मजदूरों को समान वेतन नहीं दिया जा रहा है। इन्हें कानूनी रूप से मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा और आय जैसे लाभों से वंचित रखा जा रहा है।
सीटू महासचिव प्रेम गौतम ने बताया कि इन कर्मचारियों से 8 की जगह 12 घंटे काम लिया जा रहा है। ईपीएफ, ईएसआई, ग्रेच्युटी, पेंशन, बोनस और छुट्टियों की सुविधा लागू नहीं की जा रही हैं। मेडिकल सुविधा का प्रावधान तक नहीं है। कई महीनों तक इन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रम कानून लागू करने की मांग पर इन्हें काम से निकाला जाता है। कर्मचारियों ने कहा कि स्थायी नीति नहीं बनी तो आने वाले दिनों में आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। प्रदर्शन में बालक राम, विनोद बिरसांटा, प्रताप, विक्रम, दलीप, पंकज, वीरेंद्र लाल, नोख राम, सीता राम, निशा, सरीना, सुरेंद्रा, उमा, प्रवीण, सन्नी, चमन, कृतिका, राम प्रकाश, पाला राम, दलविंद्र, शिव राम, विवेक कश्यप और रंजीव कुठियाला मौजूद रहे।