पंजाब के पटियाला में हाल ही में निहंगों ने एएसआई हरजीत सिंह का हाथ काट कर अलग कर दिया था। पीजीआई में आठ घंटे तक चली सर्जरी में डॉक्टरों की टीम ने हाथ को जोड़ने में कामयाबी हासिल की थी। इस दौरान सर्जिकल टीम के साथ किन्नौर जिले के लिप्पा से नर्सिंग अधिकारी स्नेह नेगी ने भी सेवाएं देकर प्रदेश और किन्नौर सहित लिप्पा गांव का नाम रोशन किया है। पूरी टीम को डीजीपी ऑनर फॉर एग्जाम्लरी सेवा टू सोसायटी के लिए चुना गया है। इससे लिप्पा गांव में खुशी की लहर है। पंचायत प्रधान गीता राम नेगी ने लिप्पा से स्नेह नेगी को पंचायत में बुलाकर सम्मानित करने का निर्णय लिया है।
जानकारी के मुताबिक स्नेह नेगी (23) ने हाल ही में पीजीआई चंडीगढ़ में पंजाब पुलिस के एएसआई के हाथ कटने के बाद प्लास्टिक सर्जरी के डॉक्टरों की टीम में शामिल होकर अपनी सेवाएं दी हैं। स्नेह नेगी ने बीएससी नर्सिंग पीजीआई चंडीगढ़ से ही की है। अपने मां-बाप की तीनों बेटियों में से यह दूसरे नंबर की बेटी है। इनकी बड़ी बहन संतोष नेगी भी पीजीआई चंडीगढ़ में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर तैनात है।
पिता धर्म सेन नेगी हिमाचल पुलिस में बतौर इंस्पेक्टर सोलन के कोटला नाला में पुलिस थाने में कार्य कर रहे हैं। माता राम देवी गृहिणी हैं। माता-पिता का कहना है कि सूचना मिली है उनकी बेटी को अवॉर्ड मिलना है, जिस पर उन्हें गर्व है। डीएवी स्कूल रिकांगपिओ से स्नेह नेगी ने शिक्षा की शुरुआत की थी। मैट्रिक और प्लस टू एमआरडीए स्कूल डीएवी सोलन से पास करने के उपरांत पीजीआई की नर्सिंग एंट्रेंस परीक्षा में प्रथम रहीं थी और डेढ़ साल से चंडीगढ़ में नर्सिंग स्टाफ के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
स्नेह नेगी ने बताया कि पंजाब पुलिस के अधिकारी को जब प्लास्टिक सर्जरी के लिए अस्पताल लाया गया था तो सर्जरी में आठ घंटे का समय लग गया। प्लास्टिक सर्जरी से डॉक्टर और नर्स टीम को इनके कटे हुए हाथ को जोड़ने में सफलता मिली। उधर, लिप्पा के ग्राम पंचायत प्रधान गीता राम नेगी ने सरकार की ओर से स्नेह को सम्मानित करने के फैसले पर खुशी जाहिर की है। इससे लिप्पा गांव और किन्नौर का नाम रोशन हुआ है। इसलिए लिप्पा गांववासी भी स्नेह नेगी को सम्मानित करेंगे।