अब नई सरकार बनने के बाद यह प्रस्ताव कहां है, सचिवालय के अफसरों के पास इसकी जानकारी तक नहीं है। प्रारंभिक शिक्षा का जिम्मा संभाल रहे अफसर इस मामले को लेकर कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे हैं।
शिक्षा सचिव तक भी नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव नहीं पहुंचा है। पूर्व सरकार के रिव्यू किए जाने वाले फैसलों में भी इस मामले का उल्लेख नहीं है।
ऐसे में सरकारी स्कूलों की सूरत बदलने के लिए पूर्व सरकार के कार्यकाल में लिया गया एक अहम फैसला फंसता नजर आ रहा है। उधर, सरकार से अभी तक कोई भी जानकारी नहीं दिए जाने पर प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने रिमाइंडर भेजकर वरिष्ठ अफसरों से स्थिति स्पष्ट करने को कहा है।
मेरे ध्यान में यह मामला नहीं है। न ही सचिवालय के अफसरों और न ही प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में कोई चर्चा की है। पूर्व सरकार के रिव्यू किए जाने वाले मामलों में भी नर्सरी कक्षाएं शुरू करने का प्रस्ताव शामिल नहीं है। - डॉ. अरुण कुमार शर्मा, शिक्षा सचिव