प्रदेश के सरकारी स्कूलों में जल्द नर्सरी क्लासिज शुरू होंगी। प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर जिला मुख्यालयों के नजदीकी स्कूलों में सरकार यह व्यवस्था शुरू करने जा रही है। पहले चरण में 25 फीसदी सरकारी स्कूलों में नर्सरी की कक्षाएं शुरू की जाएंगी। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने सचिवालय में राज्य सलाहकार परिषद की शिक्षा का अधिकार 2009 की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने को प्रेरणा प्रोजेक्ट शुरू करने के प्रयासों की सराहना की। प्रेरणा का उद्देश्य कक्षा प्रथम से पांच तक के प्राथमिक स्कूलों के विद्यार्थियों की पढ़ने-लिखने तथा गणित क्षमता के अध्ययन स्तर में सुधार लाना है। उन्होंने प्रयास पहल की भी सराहना की।
इसका उद्देश्य छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों की विज्ञान और गणित की पढ़ाई में सुधार लाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने पहली कक्षा से अंग्रेजी, हिंदी और गणित की पढ़ाई को अनिवार्य बनाया है। अध्यापकों को अपने व्यवसाय के प्रति संपूर्ण की भावना से कार्य करना चाहिए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव एजेवी प्रसाद ने मुख्यमंत्री तथा अन्य गणमान्य लोगों का स्वागत किया। सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक घनश्याम चंद ने अभियान के तहत प्राप्त की गई उपलब्धियों पर प्रस्तुति दी। बैठक में स्कूल शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष बलवीर तेगटा, उच्च शिक्षा निदेशक बीएल विंटा, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
उपस्थिति के संदर्भ में पाबंद हों शिक्षक
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने निरीक्षण निदेशालय को सख्ती से नियंत्रण करने के निर्देश दिए। कहा कि शिक्षकों को उपस्थिति के संदर्भ में पाबंद होना चाहिए। कक्षाएं खत्म होने से पहले स्कूल से नहीं जाना चाहिए। उन्होंने बच्चों में आसपास के वातावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने पर बल दिया।
एक साथ होगी प्रार्थना सभा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यदि प्राथमिक, माध्यमिक, उच्च तथा वरिष्ठ माध्यमिक पाठशालाएं एक ही परिसर में हों तो वहां एक ही समय पर एक ही जगह प्रात:कालीन प्रार्थना सभा करवाई जाए।
शिक्षा विभाग को दी बधाई
मुख्यमंत्री ने स्कोच ऑर्डर ऑफ मेरिट अवार्ड के तहत दो पुरस्कार प्राप्त करने के लिए शिक्षा विभाग को बधाई दी। विभाग ने प्रथम पुरस्कार पाठ्य पुस्तकों की समय पर आपूर्ति तथा द्वितीय पुरस्कार स्कूल मूल्यांकन के डिजिटलीकरण के लिए प्राप्त किया है।