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नौकरी से निकाले मजदूरों ने सीएम को भेजा खून से लिखा 'खत'

Wed, 31 Aug 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिलासपुर
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खून से कई पोस्टर भी तैयार कर लिए। इनमें लिखा है - मुख्यमंत्री जी, इंसाफ दो या मौत। - फोटो : अमर उजाला
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हिमाचल में करीब 21 दिन आंदोलन के बाद भी न्याय न मिला तो हताश एनटीपीसी मजदूरों ने अपने खून से सीएम को खत लिख डाला। खून से कई पोस्टर भी तैयार कर लिए। इनमें लिखा है - मुख्यमंत्री जी, इंसाफ दो या मौत।
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पूछा है कि जल हमारा, जमीन हमारी, जंगल हमारा, फिर भी हमारा शोषण क्यों? मंगलवार को मजदूरों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को खत भेज दिया है। मीडिया से बातचीत में मजदूर नेता प्रवेश चंदेल ने आरोप लगाया कि समझौते के बावजूद एनटीपीसी कंपनी से ठेकेदारों ने करीब 59 वर्करों को काम से निकाल दिया है।

बीते 15 जुलाई को कोलडैम वर्कर्स यूनियन और एनटीपीसी के बीच 13 सूत्री समझौता हुआ था। इसमें एसडीएम और डीएसपी बिलासपुर भी मौजूद थे। लेकिन आज दिन तक कंपनी ने समझौते के मुताबिक एक भी काम नहीं किया है।
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उलटा समझौते के अगले ही दिन मजदूरों को काम से हटाना शुरू कर दिया गया। प्रशासन व स्थानीय विधायक मात्र आश्वासन ही दे रहे हैं, जबकि जमीनी स्तर पर कोई मजदूरों के हक के लिए आगे नहीं आ रहा है। इस अवसर पर पंकज कुमार, कमल किशोर, सुरेश, देस राज, प्रभुदयाल, धनीराम, पवन व सुनील आदि उपस्थित रहे।
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स्टांप पेपर पर मांगे जा रहे हस्ताक्षर, सिरिंज से निकाला खून

मजदूरों ने सिरिंज से अपना खून निकाल कर पत्र लिखने के लिए दिया। - फोटो : अमर उजाला
कोलडैम वर्कर यूनियन के प्रधान अनूप कुमार ने आरोप लगाया कि ठेकेदार मजदूरों से स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर मांग रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो सितंबर को होने वाले मजदूरों के राष्ट्रीय स्तर के आंदोलन में यूनियन भी भाग लेगी। इसमें मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाई जाएगी।

सिरिंज से निकाला खून
कोलबांध परियोजना प्रबंधन द्वारा अनदेखी का शिकार हो रहे 59 मजदूरों ने सीएम को पत्र लिखने के लिए अपना खून दिया। मजदूरों ने सिरिंज से अपना खून निकाल कर पत्र लिखने के लिए दिया।

21 दिन न आने का कारण लिखकर बता दें, बहाल हो जाएंगे मजदूर
कोल बांध परियोजना के लोक संपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती ने बताया कि मजदूरों से केवल 21 दिन उपस्थित न होने कारण कारण पूछा गया है। उन्होंने कहा कि मजदूर लिखित में कारण दे दें, उन्हें काम पर रख लिया जाएगा।  
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