एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि केंद्र सरकार ने कोरोना से निपटने को 20 हजार करोड़ का राहत पैकेज देने की घोषणा की थी। इसमें छात्रों को एक रुपये की राहत नहीं मिली। केंद्र और प्रदेश सरकार निजी और सरकारी स्कूल से लेकर यूनिवर्सिटी तक फीस को छह माह तक माफ करे। नई शिक्षा नीति में भी गरीब छात्रों के लिए सस्ती, उसकी पहुंच में गुणात्मक शिक्षा का कोई प्रावधान नहीं रखा है। भाजपा की सरकार हाथरस में एक बेटी के साथ दुष्कर्म होने पर उसे न्याय दिलवाने में नाकाम रही है।
इन मांगों को लेकर बोला हल्ला
एनएसयूआई ने निजी, सरकारी स्कूलों को छह माह की फीस माफ करने, स्नातक डिग्री कोर्स के प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्रों को पिछली परफॉर्मेंस के आधार पर प्रमोट करने, शिक्षा का निजीकरण, भगवाकरण बंद करने, किसान विरोधी बिल वापस लेने, अभिभावकों के विरोध के बावजूद स्थिति सामान्य, नियंत्रण में होने से पहले स्कूल कॉलेज न खोलने के साथ छात्रों की समस्याओं का निपटारा करने को ऑनलाइन पोर्टल खोलने की मांग की।