एनएसयूआई ने प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन शिमला से हाईकोर्ट होते हुए छोटा शिमला तक रोष रैली निकाली। करीब पौने दो बजे प्रदर्शनकारी छोटा शिमला पहुंचे।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते विद्यार्थियों के आते ही पुलिस ने सचिवालय के समीप सड़क किनारे लगाए गेट बंद करते हुए ट्रैफिक रोक दिया। करीब 15 मिनट तक पुलिस-विद्यार्थियों में धक्कामुक्की हुई।
पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स लगाकर सड़क से दूर धकेला। थोड़ी देर में एनएसयूआई के प्रदर्शनकारी फिर उग्र हो गए और सड़क पर लेट गए।
स्थिति तनावपूर्ण होते देख पुलिस ने क्यूआरटी (क्विक रिएक्शन टीम) के सहयोग से विद्यार्थियों से सड़क से उठाकर साइड में किया। इस धक्कामुक्की में कई विद्यार्थी चोटिल हुए।
दोपहर ढाई बजे तक प्रदर्शन जारी रहा। इस समय तक छोटा शिमला में वाहनों की आवाजाही ठप रही। स्कूल से लौट रहे बच्चों को विशेषकर काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस अधीक्षक शिमला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, डीएसपी सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
एनएसयूआई के राज्य प्रभारी अनुशेष शर्मा, जिला प्रभारी छतर सिंह ठाकुर, राज्य महासचिव प्रतीक शर्मा और विश्वविद्यालय इकाई के अध्यक्ष बीनू मेहता ने बताया कि बीए फर्स्ट ईयर का परिणाम देरी से निकला है। इस परीक्षा में करीब 22 हजार विद्यार्थी फेल हुए हैं। इन्हें कृपांक देने चाहिए या दोबारा इसी कक्षा में रखते हुए परीक्षाएं लेनी चाहिए।
देरी से घोषित हुए परिणाम के चलते विद्यार्थियों का एक साल खराब हो रहा है। एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने एससीए चुनाव दोबारा शुरू करने, रूसा की कमियों को दूर करने, संशोधन के नाम पर 600 रुपये फीस की वसूली बंद करने की मांग भी की।
12 प्रदर्शनकारियों के खिलाफ थाना छोटा शिमला में मुकदमा दर्ज किया गया है। जांच के दौरान जो भी आरोपी पाए जाएंगे, उन्हें भी नामजद किया जाएगा।- एसपी शिमला ओमापति जमवाल