इसमें चर्मरोग, हार्ट, स्पाइन, किडनी, न्यूरोसर्जरी की ऐसी बीमारियां हैं जो योजना के लांच के समय पैकेज में शामिल नहीं हुई थीं। इन बीमारियों के शामिल होने के बाद दाखिल गरीब मरीजों को पांच लाख रुपये तक निशुल्क उपचार मिलेगा।
हिमाचल पहला ऐसा राज्य होगा जहां पर दो हजार के करीब बीमारियों को योजना में कवर किया जाएगा। बता दें कि हिमाचल में सितंबर 2018 में आयुष्मान भारत योजना को लांच किया गया। प्रदेश के 175 सरकारी और निजी अस्पतालों में लोगों के लिए 1800 बीमारियों के उपचार की सुविधा दी गई।
योजना का लाभ राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत चयनित बीपीएल, मनरेगा और सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण -2011 के चिह्नित गरीब परिवारों को मिल रहा है।
अस्पताल में उपचाराधीन मरीज के पास राशनकार्ड, आधारकार्ड, राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना कार्ड, पंजीकृत मोबाइल नंबर होना अनिवार्य है। इसके अलावा हिमाचल स्वास्थ्य बीमा योजना सोसायटी, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग से भी जानकारी ले सकते हैं।