सर्दियों में हरे चारे की कमी को दूर करने के लिए हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान (एचएफआरआई) बड़ागांव और जुन्गा में दो साल से ग्रामीणों को प्रशिक्षण दे रहा है। ग्रामीणों को साइलेज बनाने की प्रक्रिया सिखाई गई। इससे वे सर्दियों में भी पशुओं के लिए पोषक चारा खिला पाएंगे। रझाना पंचायत के बड़ागांव, पट्टी और सलांज से 38 ग्रामीणों और जुन्गा के 40 ग्रामीणों को प्रशिक्षित किया गया है। इसके साथ ही हिमालयन वन अनुसंधान संस्थान ने बड़ागांव के पास व्यूल, कचनार, खड़क और बान के 800 से अधिक पौधे रोप कर चारा बैंक की स्थापना की है। यह चारा बैंक भविष्य में पशुपालकों को हरे चारे की आपूर्ति करेगा। रझाना पंचायत के उपप्रधान मुकुंद्र मोहन शांडिल ने कहा कि यह प्रशिक्षण ग्रामीणों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।