हिमाचल में सीसीटीवी नेटवर्क का जाल बढ़ाने में जुटी हिमाचल पुलिस अब उस नेटवर्क को कायम रखने में भी जुट गई है। पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों में तैनात एसडीपीओ से कहा है कि किसी भी वारदात के समय सीसीटीवी खराब मिले तो उनकी जिम्मेदारी होगी। इन्हें निर्देश जारी किए गए हैं कि हर महीने में एक बार अपने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी का निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भेजेंगे।
इस रिपोर्ट के बाद जब भी क्षेत्र में कोई अपराध होता है और अगर उस समय सीसीटीवी खराब मिलते हैं तो इस रिपोर्ट से यह जानने का प्रयास किया जाएगा कि सीसीटीवी खराब थे या सही। मुख्यालय की कोशिश है कि सीसीटीवी लगने के बाद उनकी मेंटेनेंस भी होती रहे, ताकि भविष्य में भी अपराधियों को पकड़ने में आसानी हो। दरअसल, पिछले कुछ समय में सीसीटीवी लगने के बाद चोरी और लूट की वारदातों में कमी आई थी।
यही नहीं, घटनाओं के खुलासे में भी यह सहायक सिद्ध हो रहे थे। बद्दी में तो क्राइम के ग्राफ और रिकवरी में भारी बदलाव दर्ज किया गया। इसके बाद डीजीपी सीताराम मरडी ने सभी जिलों के एसपी को निर्देश जारी किए कि वह हर हाल में ज्यादा से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगवाएं। चूंकि, लगने के बाद मेंटेनेंस बड़ा मुद्दा रहता था, इसलिए डीजीपी ने एक और निर्देश जारी किया कि हर डीएसपी अपने क्षेत्र के सीसीटीवी की रिपोर्ट देगा।
डीजीपी मरडी ने कहा कि अगर घटना से पहले सीसीटीवी ठीक होने की रिपोर्ट दी गई और घटना के दौरान सीसीटीवी खराब होने की बात सामने आई तो डीएसपी की जिम्मेदारी तय होगी। कहा कि कोशिश यह है कि पुलिस इस तीसरी आंख की अपराध को कम करने और अपराधियों को पकड़ने में ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करे।