संजौली मस्जिद में अवैध निर्माण गिराने के आदेश को चुनौती देने वाली अपील पर जिला अदालत में सोमवार को सुनवाई हुई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण गर्ग की अदालत ने लतीफ नेगी की ओर से नगर निगम आयुक्त को दिए गए हलफनामे को लेकर वक्फ बोर्ड से जवाब तलब किया है। अदालत ने वक्फ बोर्ड को शपथपत्र के माध्यम से संजौली मस्जिद कमेटी और प्रधान की भूमिका स्पष्ट करने के निर्देश दिए है, जिसे वक्फ बोर्ड की ओर से अधिकृत किया है या नहीं। बहस के बाद मामले में अगली सुनवाई 22 नवंबर तय की गई है। पांवटा साहिब के रहने वाले अपीलकर्ता नजाकत अली हाशमी ने एमसी आयुक्त के फैसले के खिलाफ 5 अक्तूबर को जिला अदालत में अपील दायर की है।
आरोप लगाया है कि मोहम्मद लतीफ की ओर से जो हलफनामा दायर किया है, वह गैर कानूनी है। लतीफ की तरफ से जो हलफनामा दायर किया है, वह कमेटी की सहमति के बगैर दायर किया गया है। नजाकत अली हाशमी बनाम एमसी शिमला, हिमाचल प्रदेश वक्फ बोर्ड, अध्यक्ष संजौली मस्जिद कमेटी और मोहम्मद लतीफ अध्यक्ष संजौली मस्जिद कमेटी के नाम से यह अपील दायर की गई है। सोमवार को जिला अदालत में अपीलकर्ता के हलफनामे चुनौती पर चौथी मर्तबा सुनवाई हुई। अपीलकर्ता ने दलील दी कि नगर निगम आयुक्त ने फैसले की सुनवाई में इस बात को देखा कि हलफनामा दायर करने वाला अधिकृत है या नहीं। इसके साथ ही मस्जिद कमेटी का प्रधान वक्फ बोर्ड का सदस्य है या नहीं, हलफनामे में जवाब मांगा है। अब 22 नवंबर को एमसी के फैसले को चुनौती करने वाली अपील पर भी फैसला होगा।