संयुक्त आयुक्त की अध्यक्षता में समिति ने छोटा शिमला, कसुम्पटी, पंथाघाटी और खलीनी वार्डाें का किया सर्वेक्षण
तहबाजारियों के बैठने के लिए चिह्नित किए स्थान, बाकी उपनगरों में भी हो चुका है सर्वेक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी के बाजारों और मुख्य सड़कों के किनारे मनमर्जी से दुकानें सजाने वाले तहबाजारियों पर अब सख्ती होगी। नगर निगम की ओर से चिह्नित किए स्थानों पर ही इन्हें अब दुकानें चलाने की अनुमति मिलेगी। इसके लिए नगर निगम की वेडिंग कमेटी ने ज्यादातर उपनगरों में सर्वेक्षण कर लिया है।
इसमें वेडिंग और नो वेडिंग जोन चिह्नित कर दिए गए हैं। जल्द ही पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली जाएगी। संयुक्त आयुक्त डॉ. नीरज मोहन की अध्यक्षता में सोमवार को भी इस समिति ने शहर के छोटा शिमला, कसुम्पटी, पंथाघाटी और खलीनी वार्डाें का दौरा किया। इस दौरान ऐसे स्थान चिह्नित किए गए जहां तहबाजारी दुकानें सजा सकते हैं।
इन उपनगरों में अभी भी दर्जनों तहबाजारी मुख्य सड़क के किनारे दुकानें चला रहे हैं। इनमें कई तहबाजारी मुख्य सड़क पर ही बैठे हैं जिससे आवाजाही भी बाधित हो रही है। इसे नो वेडिंग जोन चिह्नित किया गया है। नगर निगम के अनुसार जल्द ही सभी उपनगरों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया जाएगा। सर्वेक्षण के बाद अंतिम रिपोर्ट तैयार होगी जिसमें हर उपनगर के वेडिंग और नो वेडिंग जोन शामिल किए जाएंगे। इसके बाद निगम की दूसरी समिति भी तहबाजारियों के पंजीकरण के लिए सर्वेक्षण शुरू करेगी। यह समिति तहबाजारियों को स्थान आवंटित करेगी। साथ ही उन्हें पहचान पत्र भी जारी करेगी।
शहर में 1500 से ज्यादा तहबाजारी
शिमला शहर में अभी 1500 से ज्यादा तहबाजारी बाजारों, सड़कों पर दुकानें सजा रहे हैं। अभी शहर में इनके सामान बेचने के लिए पुख्ता स्थान चिह्नित नहीं है। इसके चलते बाजारों में तहबाजारी अतिक्रमण कर सड़कों पर ही दुकानें सजा रहे हैं। इससे आम जनता को परेशानी झेलनी पड़ रही है। हाईकोर्ट के आदेश पर नगर निगम इन्हें बसाने के लिए सर्वेक्षण कर रहा है। अगले दो महीने में इन्हें स्थान आवंटित कर दिए जाएंगे।