स्वच्छ भारत मिशन के जिला नोडल अफसर पवन बन्याल ने महिलाओं को ऐसे इंसीनेटर तैयार करने के लिए प्रेरित किया। गुजरात से जो इंसीनेटर पंचायत को करीब पांच हजार रुपये में मिलता था, वही स्वयं सहायता समूह से 4200 रुपये में मिल रहा है। स्वयं सहायता समूह ने कुछ दिनों में ऐसे 70 अशुद्धिनाशक यंत्र बेचे हैं।
हिमाचल से पहले महाराष्ट्र और गुजरात में ही अशुद्धिनाशक यंत्र दिए जाते हैं। सरस्वती स्वयं सहायता समूह हयोड़ की प्रधान रीनू बाला और सचिव सुमन कुमारी ने कहा कि महिलाएं मिलकर इन यंत्रों का निर्माण कर रही हैं। कहा कि उनके पति बिट्टू ने वेल्डर और राजमिस्त्री का डिप्लोमा किया है।
उनसे इंसीनेटर बनाने का प्रशिक्षण लिया। कोई भी पंचायत उनसे संपर्क कर यह इंसीनेटर खरीद सकती है। पीओ डीआरडीए हमीरपुर सुनील चंदेल ने कहा कि सरस्वती स्वयं सहायता समूह के प्रयास सराहनीय हैं। अब गुजरात से मंगवाने की बजाय हमीरपुर में ही यह इंसीनेटर मिल जाएंगे।