पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बंद होने के बाद मंदिरों में इसकी आमद बढ़ने के बाद अब इन नोटों पर रोक लगा दी है। दान के रूप में आने वाले इन नोटों को मंदिर कार्यालय में नहीं लिया जाएगा। न ही इनकी पर्ची कटेगी। हालांकि, श्रद्धालु दान पेटी में ऐसे नोट डाल सकते हैं। श्री नयना देवी मंदिर की दान पेटी में एक हजार रुपये के दो हजार नोट निकले हैं।
मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं ने 500 और एक हजार रुपये के नोट की पर्ची काटने पर रोक लगा दी है ताकि आने वाले समय में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। वहीं शनिवार को श्री नयना देवी जी की भारतीय स्टेट बैंक की शाखा में आज नए नोट नहीं मिले। लोगों को परेशानियों से दो चार होना पड़ा हैं। हालांकि श्री नयना देवी कोऑपरेटिव बैंक में आज ग्राहकों को नए नोट दिए गए जिससे लोगों ने कुछ राहत की सांस ली।
चामुंडा मंदिर में श्रद्धालु 90 फीसदी घटे
कुलदीप गुलेरिया, चामुंडा। मोदी सरकार की ओर से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद करने का असर कांगड़ा जिले के प्रसिद्ध शक्तिपीठों पर भी पड़ा है। सबसे ज्यादा असर चामुंडा मंदिर पर पड़ा है। चामुंडा मंदिर में पिछले दो दिन से बाहरी राज्यों के श्रद्धालुओं की संख्या में 90 फीसदी की कमी आ गई।
मादी सरकार के फैसले से पहले के दिनों में चामुंडा मंदिर में रोजाना करीब 2 से ढाई हजार श्रद्धालु माथा टेकने आ रहे थे। पिछले दो दिन से रोजाना मंदिर में करीब 200 से 250 श्रद्धालु ही पहुंच रहे हैं। चामुंडा मंदिर के मंदिर अधिकारी गृजेश चौहान ने बताया कि पिछले दो दिन से मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब 90 फीसदी की गिरावट आई है। पिछले दिनों के मुकाबले अब 10 फीसदी ही श्रद्धालु मंदिर में माथा टेकने आ रहे हैं।
चामुंडा मंदिर के बाहर प्रसाद की दुकान करने वाले राजेंद्र कुमार, अशोक गोस्वामी, विजय सूद ने बताया कि उनके कारोबार में 80 फीसदी की गिरावट आ गई है। नाममात्र श्रद्धालु मंदिर में आ रहे हैं। मंदिर बाजार के रेडिमेड दुकानदार बॉबी और श्याम ने बताया कि पिछले दो दिन से कारोबार 70 फीसदी घट गया है। बाहरी राज्यों से श्रद्धालु नाममात्र ही आ रहे हैं।
500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद श्रद्धालुओं ने यात्रा की रद्द
बताया जा रहा है कि जब से 500 और 1000 रुपये के नोट बंद हुए हैं तब से बाहरी राज्यों से श्रद्धालु इसलिए यात्रा करने से कन्नी काट रहे हैं, क्योंकि यहां आने पर वह खर्च क्या करेंगे, क्योंकि 500 और 100 रुपये के नोट तो चलेंगे नहीं। ऐसे में बिना पैसे के खाना, पीना और घूमना मुश्किल हो जाएगा।
बज्रेश्वरी मंदिर कांगड़ा में श्रद्धालुओं की संख्या में हल्की कमी आई है, जबकि ज्वालाजी मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या ज्यादा असर नहीं पड़ा है। मोदी सरकार के नोट बंद के फैसले का असर धर्मशाला के पर्यटन कारोबार पर ज्यादा पड़ा है। धर्मशाला के होटलों में पिछले दो
दिन से 40 फीसदी कारोबार घट गया है। पिछले दिनों के मुकाबले ऑक्यूपेंसी रेट आधा रह गया है। पर्यटन निगम धर्मशाला के होटलों में 40 फीसदी कारोबार घटा है। होटल कारोबारी कह रहे हैं कि घूमने फिरने के लिए खर्च को पर्याप्त पैसे न होने के चलते पर्यटक अपने धर्मशाला दौरे को टाल रहे हैं।
पिछले दो दिन से 40 फीसदी कारोबार घट गया है। एडवांस बुकिंग वाले पर्यटक ही होटलों में आ रहे हैं। इक्का दुक्का ही नए पर्यटक अब बुकिंग करवा रहे हैं। रेस्तरां का काम भी आधा घट गया है। - अनिल महाजन, डीजीएम, पर्यटन निगम धर्मशाला