लेकिन इस प्रक्रिया के तहत उपभोक्ताओं को पहले लॉग इन बनाना पड़ता है। इसके बाद उपभोक्ताओं को पासवर्ड दिया जाता है। इस प्रक्रिया में उलझने से बचने के लिए अधिकांश लोग लाइनों में खड़े होकर काउंटर पर बिल जमा करवाने को ही तरजीह देते हैं।
ऐसे में बोर्ड प्रबंधन ने जटिल प्रक्रिया को सरल करते हुए भारत बिल पेमेंट सिस्टम पर अपना बिलिंग डाटा अपलोड कर दिया है। अब प्रदेश के बिजली उपभोक्ता मोबाइल फोन से ही घर या दफ्तर में बैठकर भी बिल जमा करवा सकेंगे।इसके लिए उपभोक्ताओं को अलग से कोई शुल्क भी नहीं देना होगा।
ऑनलाइन बिल जमा करवाने के लिए लगने वाले ट्रांजेक्शन चार्जिस बिजली बोर्ड स्वयं वहन करेगा। ऑनलाइन बिजली बिल जमा करवाने को एसबीआई, आईसीआईसीआई, पीएनबी, बैंक आफ बरोडा, सेंट्रल बैंक आफ
इंडिया, इलाहाबाद बैंक, कैनरा बैंक, इंडियन ओवरसीस बैंक, इंडसलैंड बैंक, जेएंडके बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, यूनाइटेड बैंक, फेडरल बैंक, डीसीबी बैंक, यस बैंक, ओरियंटल बैंक आफ कामर्स और यूको बैंक का भी अब गेट वे मिलेगा।
पेटीएम, मौबी क्वीक, फोन पे और आक्सीजन एप्लीकेशन को मोबाइल फोन पर डाउनलोड कर उपभोक्ता ऑनलाइन बिजली बिल जमा करवा सकेंगे। ऑनलाइन बिल जमा करवाना व्हाटसएप करने जैसा आसान है। भारत बिल पेमेंट सिस्टम पर जाकर उपभोक्ताओं को अपना राज्य चुनना होगा।
वहां अपने बिजली कनेक्शन का अकाउंट नंबर लिखना होगा। नंबर लिखते ही बिल सामने आ जाएगा। इसके बाद किसी भी बैंक के गेटवे के माध्यम से बिल जमा करवाया जा सकेगा। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, भीम एप के जरिये भी उपभोक्ता पेमेंट कर सकेंगे।
प्रदेश में वर्तमान में सिर्फ 25 फीसदी उपभोक्ता ही डिजिटल तरीके से बिल पेमेंट करते हैं। इन उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने के लिए बिजली बोर्ड ने भारत बिल पेमेंट सिस्टम से खुद को जोड़ा है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ऊर्जा तरुण कपूर का कहना है कि 90 फीसदी उपभोक्ताओं को डिजिटल पेमेंट से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। बोर्ड के सभी कार्यालयों को इस बाबत उपभोक्ताओं को जागरूक करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।