उसके बाद वाहन मालिकों को आरसी मिलती है। इस आरसी की फोटोस्टेट कॉपी दफ्तर में जमा करानी होती है उसके बाद नए वाहन के लिए नंबर जारी होता है। अभी वाहन मालिकों को इस सारी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
टैक्स जमा कराने के लिए भी लोगों को आरटीओ कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। बार-बार चक्कर से छुटकारा पाने के लिए कई लोग इन कार्यों को दलालों से भी करवाते हैं।
प्रदेश सरकार ने इस व्यवस्था पर अंकुश लगाने के लिए सिस्टम को ऑनलाइन कराने का फैसला लिया है। परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर ने कहा कि विभाग में व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। पूरे सिस्टम को ऑनलाइन किया जा रहा है।